कृषि यंत्रों की दुकान खोलने के लिए 10 लाख दे रही सरकार, 21 अगस्त आवेदन की लास्ट डेट, पढ़ें डिटेल्स

How To Open Custom Hiring Center : मध्य प्रदेश ने किसानों को कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराने और आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग योजना के तहत एक जिले को लगभग 20 सेंटर स्थापित करने का टारगेट रखा है.

नई दिल्ली | Updated On: 18 Aug, 2026 | 01:27 PM

किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने की जरूरत न पड़े, इसलिए उन्हें किराये पर यंत्र उपलब्ध कराने की योजना मध्य प्रदेश सरकार चला रही है. राज्य सरकार ने इच्छुक किसानों और युवाओं को कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) खोलने के लिए आवेदन मांगे हैं. इन सेंटर्स पर अत्याधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध होंगे, जो किसानों को किराए पर दिए जा सकेंगे. इससे रोजगार भी पैदा होगा और मॉडर्न खेती की ओर किसानों को ले जाने का उद्देश्य भी पूरा होगा. सेंटर खोलने के लिए राज्य सरकार अधिकतम 10 लाख रुपये की मदद दे रही.

22 अगस्त को लॉटरी से आवंटित होंगे कस्टम हायरिंग सेंटर

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराने और आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग योजना के तहत एक जिले को लगभग 20 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. योजना के तहत इच्छुक पात्र आवेदकों से 21 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. आवेदनों के आधार पर 22 अगस्त को लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा. लॉटरी में चयनित किसान योजना के तहत अनुदान के लिए पात्र होंगे.

एक जिले में 20 CHC केंद्र बनाने का टारगेट

कस्टम हायरिंग योजना के तहत विदिशा जिले के लिए कुल 20 लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. इसी तरह अन्य जिलों में भी टारगेट तय किया गया है. इनमें सामान्य वर्ग के लिए 13, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 3, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 3 तथा एफपीओ के लिए 1 लक्ष्य निर्धारित है. योजना के माध्यम से चयनित आवेदक कृषि यंत्रों की उपलब्धता का केंद्र स्थापित कर सकेंगे, जिससे आसपास के किसानों को जरूरत के अनुसार कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध हो सकेंगे. इससे किसानों को महंगे कृषि यंत्र व्यक्तिगत रूप से खरीदने की जरूरत कम होगी और आधुनिक कृषि तकनीक का उपयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी.

10 लाख से 25 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट

कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए परियोजना की कुल लागत 10 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है. योजना के अंतर्गत परियोजना राशि का 40 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये रहेगी. योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को बैंक से ऋण लेना जरूरी होगा. स्वीकृत अनुदान राशि सीधे आवेदक के लोन अकाउंट में जमा की जाएगी.

आवेदन के लिए जरूरी पात्रता और शर्तें

कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के इच्छुक आवेदक के लिए कई पात्रताएं निर्धारित की गई हैं. आवेदक के पास 12वीं कक्षा की अंकसूची होना जरूरी है. स्वयं या माता-पिता के नाम का खसरा एवं बी-1 दस्तावेज होना चाहिए. आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. आधार कार्ड होना जरूरी है. आवेदक शासकीय अथवा अर्धशासकीय सेवा में नहीं होना चाहिए. जिस गांव में कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किया जाना है, उस गांव में पहले से कोई कस्टम हायरिंग सेंटर नहीं होना चाहिए.

10 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट अनिवार्य

आवेदन करने वाले इच्छुक आवेदक को सहायक कृषि यंत्री भोपाल के नाम से 10,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाना होगा. डिमांड ड्राफ्ट स्वयं के बैंक खाते से बनाया जाना आवश्यक है.

ऐसे करें आवेदन

योजना के लिए इच्छुक पात्र आवेदक MPOnline वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया के लिए chc.mpdage.org वेबसाइट पर जा सकते हैं. आवेदकों को निर्धारित अंतिम तिथि 21 अगस्त से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी. कृषि विभाग ने इच्छुक पात्र किसानों से योजना की पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी पक्की करने के बाद आवेदन करने की अपील की है. निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिलने वाले आवेदनों में से 22 अगस्त 2026 को लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा और चयनित आवेदक योजना के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार अनुदान के पात्र होंगे.

Published: 18 Aug, 2026 | 01:10 PM

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