नमो ड्रोन दीदी योजना का कमाल.. खेती में ड्रोन के इस्तेमाल से महिला ने कमाए 9 लाख रुपये, कई और बनीं लखपति

जिला पंचायत खंडवा के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने कहा कि इफको और एनएफएल के सहयोग से चार विकासखंडों में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चयन कर उन्हें भोपाल और ग्वालियर में 15 दिन का प्रशिक्षण दिलाया गया. प्रशिक्षण और परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद महिलाओं को ड्रोन उपलब्ध कराए गए.

नोएडा | Updated On: 15 Feb, 2026 | 02:38 PM

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं. पंचायत स्तर की महिलाएं अब परंपरागत कार्यों से आगे बढ़कर कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही हैं. प्रधानमंत्री नमो ड्रोन योजना के अंतर्गत चयनित ड्रोन दीदियां फसलों पर ड्रोन से यूरिया और कीटनाशक का छिड़काव कर महीने में 25 से 35 हजार रुपये तक कमा रही हैं.

इफको के सहयोग से दी जारी ट्रेनिंग और ड्रोन

जिला पंचायत खंडवा के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने कहा कि इफको और एनएफएल के सहयोग से चार विकासखंडों में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चयन कर उन्हें भोपाल और ग्वालियर में 15 दिन का प्रशिक्षण दिलाया गया. प्रशिक्षण और परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद महिलाओं को ड्रोन उपलब्ध कराए गए. उन्होंने कहा कि समूह से जुड़ी महिलाओं को ड्रोन के जरिए कीटनाशक और फर्टिलाइजर छिड़काव की ट्रेनिंग दी जा रही है.

महिलाओं की आर्थिक स्थिति और कृषि में हो रहा सुधार

सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने कहा कि जिले में वर्तमान में चार ड्रोन दीदियां सक्रिय हैं, जबकि आगे 19 और महिलाओं के चयन की प्रक्रिया जारी है. कुछ महिलाओं ने दो साल में ड्रोन की मदद से छिड़काव कार्य करके 9 लाख रुपये तक की कमाई हासिल की है. उन्होंने कहा कि योजना के तहत महिलाओं को जोड़ा जा रहा है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो और किसानों को ज्यादा उत्पादन हासिल करने में मदद मिल सके.

दो साल में ड्रोन दीदी कविता ने कमाई 9 लाख रुपये

विकासखंड हरसूद की कविता चौहान ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नमो ड्रोन दीदी योजना के जरिए इफको की ओर से ड्रोन मिला है. इसके जरिए फसलों में नैनो यूरिया, कीटनाशक आदि का छिड़काव करती हैं. इसके साथ किसानों से छिड़काव का ऑर्डर मिलने पर वह छिड़काव कार्य करती हैं. इसके साथ ही वह किसानों को नैनो यूरिया के इस्तेमाल समेत खेती की तकनीक समेत अन्य जानकारियां भी देती हैं. उन्होंने कहा कि इस काम से 2 साल में उन्हें 9 लाख रुपये तक की आय मिली है. इसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री से सराहना और सम्मान भी प्राप्त हुआ है.

कविता चौहान ने ड्रोन से दो साल में 9 लाख रुपये कमाए हैं.

महीनेभर में 40 हजार की कमाई कर रहीं आशा पटेल

ग्राम जसवाड़ी की ड्रोन दीदी आशा राजेश पटेल ने कहा कि योजना के जरिए उन्हें ड्रोन मिला है, जिसकी मदद से वह छिड़काव कार्य कर रही हैं. इससे उन्हें महीनेभर में 40 से 50 हजार रुपये की कमाई करने में मदद मिली है.उन्होंने कहा कि 2024 से अब तक 1800 एकड़ फसल में वह फर्टिलाइजर और कीटनाशकों का छिड़काव कर चुकी हैं.

62 लाख महिलाएं आत्मनिर्भर हुईं- सीएम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में हमारी प्राथमिकता है कि बहनों को प्रशिक्षण मिले, उन्हें स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए और मेहनत की सही कीमत मिले. बहनें एक बगिया मां के नाम योजना और स्व-सहायता समूहों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं. हमारी बहनें लखपति दीदी के साथ अब ड्रोन दीदी भी बन रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित 5 लाख स्व-सहायता समूह के माध्यम से अब तक 62 लाख बहनें आत्मनिर्भर हुई हैं.

Published: 15 Feb, 2026 | 02:35 PM

Topics: