भारतीय मसालों के निर्यात को बड़ा झटका, 6 फीसदी गिरावट से बढ़ी चिंता, इलायची बनी सबसे बड़ी राहत
मसालों के वैश्विक हब भारत के लिए इस साल विदेशी व्यापार से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर आई है. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का मसाला एक्सपोर्ट 6 प्रतिशत घटकर 4.43 अरब डॉलर रह गया है. दुनिया भर में भारतीय स्वाद का जादू बिखेरने वाले मिर्च और जीरे जैसी प्रमुख फसलों की मांग में आई भारी कमी इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बनी है. इस वीडियो में पैराग्राफ (Para) स्टाइल में जानिए पूरा गणित और किसानों पर इसका असर. इस साल मसाला कारोबार को सबसे बड़ा झटका जीरे और लाल मिर्च से लगा है. चीन और बांग्लादेश जैसे बड़े खरीदार देशों द्वारा कम दिलचस्पी दिखाने के कारण मिर्च से होने वाली कमाई 12 प्रतिशत गिरकर 1.17 अरब डॉलर रह गई, जबकि जीरे के निर्यात में सबसे बड़ी 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा हल्दी और पुदीना उत्पादों की बिक्री में भी मंदी देखी गई, जिससे जीरा और मिर्च उगाने वाले किसानों की कमाई और मंडियों के दामों पर सीधा दबाव बढ़ा है. हालांकि, इस मंदी के बीच कुछ मसालों ने भारतीय बाजार की लाज बचा ली.
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