आलू पर कर बढ़ाने की चर्चा से भड़के थे महात्मा गांधी, अंग्रेजों को आंदोलन की दी थी चेतावनी
क्या आपने कभी सोचा है कि महात्मा गांधी (Mahatma Gnadhi) एक सब्जी के लिए अंग्रेजों से भिड़ सकते थे? जी हां, वो सब्जी थी ‘आलू’! जब अंग्रेजों ने आलू के बीज देने से मना किया, तो बापू ने साफ कह दिया, “बीज दो, वरना आंदोलन के लिए तैयार रहो. गांधीजी का मानना था कि हर विदेशी चीज का आंख बंद करके विरोध करना गलत है. आलू भले ही विदेशी हो, पर वो गरीबों का पेट भरता है. क्या था बापू का ‘आलू लॉजिक’? क्यों उन्होंने कहा कि हर विदेशी चीज बुरी नहीं होती? अनिमेष मुखर्जी के इस पॉडकास्ट में जानिए इतिहास का ये अनसुना पन्ना.
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Published: 20 Feb, 2026 | 05:58 PM