बारिश के बावजूद दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर चौंका रहा, 7 साल में सबसे प्रदूषित रहा जुलाई माह
Delhi Pollution: मौसम विज्ञानियों ने हवा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है. मौसम में बदलाव और जुलाई में हवा के स्तर का ध्यान रखते हुए बीमार लोगों को मास्क लगाने और धूल संभावित जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है.
दिल्ली में सामान्य से अधिक बारिश के बावजूद हवा के स्तर में उतार चढ़ाव ने परेशान कर रखा है. ताजा रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि राजधानी में सात साल में सबसे प्रदूषित जुलाई दर्ज की गई है. हालांकि, यह भी कहा गया है कि बीते 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सुधरी है. अब यह दो तरह के आंकड़े चौंका रहे हैं. हालांकि, मौसम विज्ञानियों ने हवा की गुणवत्ता को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है और गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारी से ग्रसित लोगों का खास ख्याल रखने की सलाह दी गई है.
10 साल में पहली बार हवा साफ लेकिन जुलाई सबसे प्रदूषित महीना
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के विश्लेषण में कहा गया है कि दिल्ली में जुलाई का महीना मौसम के उतार-चढ़ाव वाला रहा. एक तरफ जहां लगभग 10 साल में पहली बार हवा की गुणवत्ता अच्छी रही, वहीं दूसरी ओर पिछले सात साल में जुलाई का महीना सबसे अधिक प्रदूषित भी रहा है. पीटीआई के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक शुष्क मौसम के बाद कुछ तेज बारिश के कारण मानसूनी बारिश सामान्य से अधिक रही, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में सात वर्षों का सबसे प्रदूषित जुलाई दर्ज किया गया.
दिल्ली की हवा की गुणवत्ता स्तर के आंकड़े
सीआरईए के विश्लेषण के अनुसार जुलाई के पहले 30 दिन में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 119 रहा. यह 2019 के बाद जुलाई महीने का सबसे अधिक औसत है, जब एक्यूआई 134 दर्ज किया गया था. यह औसत पिछले साल जुलाई महीने के 78 के औसत से काफी अधिक था. मासिक औसत भले खराब रहा हो, लेकिन दिल्ली में नौ साल में पहली बार जुलाई में हवा की गुणवत्ता ‘‘अच्छी’’ रही और एक्यूआई गिरकर 48 पर आ गया. यह जुलाई में दर्ज किया गया सबसे कम दैनिक न्यूनतम एक्यूआई था. इससे पहले 2017 में यह 43 तक पहुंच गया था.
दूसरी तरफ, जुलाई के महीने के दौरान एक्यूआई बढ़कर 261 हो गया जो जुलाई में पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक दैनिक अधिकतम एक्यूआई था. इससे पहले 2021 में यह 266 था. महीने के दौरान दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 15 दिन ‘‘मध्यम’’, 12 दिन ‘‘संतोषजनक’’, दो दिन ‘‘खराब’’ और एक दिन ‘‘अच्छी’’ रही, जबकि एक भी दिन हवा की गुणवत्ता ‘‘बहुत खराब’’ नहीं दर्ज की गई.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) सीपीसीबी के अनुसार एक्यूआई शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है.
बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं का खास ध्यान रखने की सलाह
मानसून की गतिविधि में लंबे समय तक रुकावट के बावजूद अधिकतर मौसम केंद्रों पर इस महीने बारिश सामान्य से अधिक रही. मौसम विज्ञानियों ने हवा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है. मौसम में बदलाव और जुलाई में हवा के स्तर का ध्यान रखते हुए बीमार लोगों को मास्क लगाने और धूल संभावित जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारी से ग्रसित लोगों का खास ख्याल रखने की सलाह दी गई है.