19 सितंबर से मॉनसून की वापसी! दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में अभी बरसेंगे बादल, IMD का अपडेट
Monsoon Retreat 2026: IMD के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी शुरू हो सकती है. हालांकि, इससे पहले राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है. इस साल देश के करीब 43 फीसदी हिस्से में बारिश की कमी दर्ज हुई है.
IMD Monsoon Withdrawal Date: देश में मॉनसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी 19 सितंबर के आसपास शुरू हो सकती है. सामान्य तौर पर इस इलाके से मॉनसून लौटने की तारीख 17 सितंबर मानी जाती है. यानी इस बार वापसी में करीब दो दिन की देरी हो सकती है. पिछले साल मॉनसून ने 14 सितंबर से ही लौटना शुरू कर दिया था. हालांकि, मॉनसून की विदाई से पहले कई इलाकों में मौसम अभी भी सक्रिय रहेगा. गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश देखने को मिल सकती है.
19 सितंबर के आसपास मॉनसून की वापसी
IMD ने सोमवार को बताया कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास मॉनसून की वापसी के लिए मौसम अनुकूल बन रहा है. आम तौर पर उत्तर-पश्चिम भारत से मॉनसून की वापसी सितंबर के मध्य में शुरू हो जाती है. लेकिन अभी राजस्थान और आसपास के इलाकों में मॉनसून का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में विदाई की प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुछ दिनों तक बारिश और आंधी-तूफान जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
राजस्थान से लेकर दिल्ली तक बारिश का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर गुजरात के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र बारिश की गतिविधियों की एक वजह हो सकता है. इसके असर से राजस्थान के आसपास के इलाकों में अगले दो से तीन दिन मॉनसून सक्रिय रह सकता है. पश्चिमी राजस्थान में 16 सितंबर तक बारिश का अनुमान है. वहीं पूर्वी राजस्थान में 20 सितंबर तक मॉनसून की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी 18 सितंबर तक कई जगह बारिश हो सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज के साथ बौछारें और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है.
इस साल कमजोर रहा मॉनसून
इस बार देशभर में मॉनसून सामान्य से कमजोर रहा है. जून में देश में सामान्य से 35.4 फीसदी कम बारिश हुई थी. जुलाई में स्थिति कुछ बेहतर हुई और बारिश सामान्य से 1 फीसदी ज्यादा रही. लेकिन अगस्त में फिर बारिश 13.8 फीसदी कम रही. सितंबर में भी अब तक बारिश सामान्य से करीब 15 फीसदी कम दर्ज की गई है. यानी चार महीने के मॉनसून सीजन का आखिरी हिस्सा भी देश के लिए बहुत राहत भरा नहीं रहा. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी मॉनसून सीजन खत्म होने में करीब दो हफ्ते बाकी हैं, लेकिन देश का लगभग 43 फीसदी हिस्सा बारिश की कमी से जूझ रहा है.
कई राज्यों में बारिश की कमी बड़ी चिंता
मॉनसून के पूरे सीजन के दौरान दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के बड़े हिस्से में सामान्य से काफी कम बारिश रहने का अनुमान है. इसके अलावा गोवा में करीब 16 फीसदी, हरियाणा में 23 फीसदी, पंजाब में 40 फीसदी और बिहार में 35 फीसदी तक बारिश की कमी रहने की आशंका है. राजस्थान में भी करीब 25 फीसदी कम बारिश का अनुमान है. पूर्वोत्तर के कई राज्य भी बारिश की कमी से प्रभावित हैं. अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में करीब 42 फीसदी, असम में 25 फीसदी और मेघालय में करीब 59 फीसदी तक बारिश कम रहने का अनुमान है.