मॉनसून ने बदली चाल, अगले कई दिनों तक होगी झमाझम बारिश, इन राज्यों के लिए IMD की बड़ी चेतावनी
IMD Weather Update: देशभर में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की चेतावनी दी है. दिल्ली-एनसीआर में 9 जुलाई तक बारिश के आसार हैं.
Today’s Weather Update: देशभर में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर और बढ़ने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले कई दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है. उत्तर भारत में जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं लगातार बढ़ रही उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा भी बढ़ गया है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है.
दिल्ली-एनसीआर में 9 जुलाई तक बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों से मौसम बदला हुआ है. आसमान में बादल छाए हैं और कई इलाकों में बारिश भी हुई है. IMD ने राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार 9 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की भी संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं.
राजस्थान में अगले 5 से 7 दिन भारी बारिश की संभावना
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सक्रिय हो चुका है. पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने उदयपुर, कोटा, अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में अगले 5 से 7 दिनों तक आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. खासकर कोटा संभाग के कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में मॉनसून राज्य के बाकी हिस्सों में भी आगे बढ़ जाएगा.
उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी, लेकिन कुछ जिलों में अच्छी बरसात
उत्तर प्रदेश में मॉनसून सक्रिय होने के बावजूद इस सीजन में अब तक सामान्य से करीब 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. हालांकि कई जिलों में अच्छी बारिश भी हुई है. बदायूं, चित्रकूट, कानपुर, संभल, फतेहपुर, मेरठ और लखीमपुर खीरी में अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई. वहीं बहराइच, बलिया, बस्ती, देवरिया, गोंडा, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ और मिर्जापुर जैसे पूर्वी जिलों में कई जगह बारिश नहीं हुई. मौसम विभाग का अनुमान है कि, जुलाई में पूरे प्रदेश में एक समान बारिश होने की संभावना कम है. कुछ जिलों में सामान्य से अधिक और कई इलाकों में कम बारिश हो सकती है.
पहाड़ी राज्यों में बढ़ा खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है. मौसम विभाग ने इन राज्यों के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है. पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश होने से नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ सकता है.
पूर्वोत्तर और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में भी मॉनसून का असर तेज बना हुआ है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं ओडिशा के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी है.
केरल समेत दक्षिण भारत में भी तेज बारिश
दक्षिण भारत में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार में कई जगह भारी बारिश का अनुमान है. केरल में लगातार हो रही बारिश से कई नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ गया है. कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. पेरियार नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है.
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें. तेज बारिश, बिजली गिरने और आंधी के समय सुरक्षित स्थान पर रहें. पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करनी चाहिए. वहीं किसानों को भी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेती से जुड़े काम करने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.