केरल में समय से पहले पहुंच सकता है मॉनसून, अगले 48 घंटे में मजबूत होगी मौसम प्रणाली
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को कहा कि इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में पहुंचने के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं. आमतौर पर मॉनसून हर साल मई के तीसरे सप्ताह में सबसे पहले अंडमान-निकोबार क्षेत्र में पहुंचता है.
Weather Update: देशभर में भीषण गर्मी के बीच मॉनसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य समय से करीब 4 दिन पहले आ सकता है. आमतौर पर मॉनसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 25 से 27 मई के बीच केरल तट पर पहुंचने की संभावना जताई गई है. IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक मौसम प्रणाली बन रही है, जो अगले 48 घंटों में और मजबूत हो सकती है. इसके असर से दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश बढ़ने की संभावना है. साथ ही यह सिस्टम मॉनसून को आगे बढ़ने में भी मदद करेगा, जिससे बारिश की प्रक्रिया तेज हो सकती है.
मॉनसून की आधिकारिक शुरुआत 1 जून को मानी जाती है
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को कहा कि इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में पहुंचने के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं. आमतौर पर मॉनसून हर साल मई के तीसरे सप्ताह में सबसे पहले अंडमान-निकोबार क्षेत्र में पहुंचता है और इसके बाद यह धीरे-धीरे केरल होते हुए देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ता है. मौसम विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि इस बार मॉनसून करीब 20 मई के आसपास अंडमान-निकोबार तक पहुंच सकता है. वहीं, केरल में मॉनसून की आधिकारिक शुरुआत 1 जून को मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके करीब 25 मई के आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
करीब 92 प्रतिशत होगी बारिश
हालांकि मॉनसून के जल्दी आने की उम्मीद के बीच एक चिंता की बात भी सामने आई है. मौसम विभाग के अनुसार इस साल देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है और कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) का करीब 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है. विशेषज्ञों का कहना है कि ‘अल नीनो’ और इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) जैसे मौसमीय कारक इस बार मॉनसून को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे बारिश की मात्रा कम रह सकती है.
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देश की अन्य हिस्सों में मौसम की स्थिति
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मॉनसून बंगाल की खाड़ी में जल्दी आ भी जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि यह महाराष्ट्र और देश के बाकी हिस्सों में भी जल्दी पहुंचेगा, क्योंकि आगे बढ़ने के दौरान इसे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की जटिल मौसम परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है. पिछले साल मॉनसून महाराष्ट्र में 25 मई को पहुंच गया था, जबकि मुंबई में यह आमतौर पर करीब 10 जून के आसपास आता है. फिलहाल सभी की नजर मौसम विभाग के अगले अपडेट पर है कि मॉनसून आगे कितनी तेजी से बढ़ता है और देश में बारिश कब तक पहुंचती है.
5 राज्यों में आज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 5 राज्यों में आज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. बिहार और उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में भी बारिश हो सकती है. इसी बीच हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में आंधी-तूफान और बारिश के कारण 5 घरों और 7 गोशालाओं की छतें उड़ गईं, जिससे नुकसान हुआ है.