आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान बरतें सावधानी, IMD की इन चेतावनियों को न करें नजरअंदाज

आंधी-तूफान के समय कुछ जरूरी सावधानियां आपकी जान बचा सकती हैं. मौसम खराब होने पर घर के अंदर रहें और मोबाइल चार्जर, टीवी, कंप्यूटर या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें. कई बार बिजली गिरने के कारण करंट फैल सकता है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब होने के साथ हादसा भी हो सकता है.

नई दिल्ली | Published: 12 May, 2026 | 01:48 PM

Thunderstorm safety tips: देश के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम तेजी से बदल रहा है. कहीं तेज आंधी चल रही है तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं. हर साल आकाशीय बिजली और तूफान की वजह से कई लोगों की जान चली जाती है. ऐसे में मौसम खराब होने पर सतर्क रहना बेहद जरूरी हो जाता है.

मौसम विभाग के अनुसार, थोड़ी सी सावधानी अपनाकर बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और खेतों में काम करने वाले लोगों को मौसम खराब होने के दौरान ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है.

क्यों खतरनाक होता है आंधी-तूफान और बिजली गिरना?

जब मौसम में अचानक बदलाव होता है, बादल तेजी से गरजते हैं और बिजली चमकती है, तब आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है. कई बार लोग खुले मैदान, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास खड़े रहते हैं, जिससे हादसे होने की संभावना बढ़ जाती है. तेज हवाओं और बारिश के दौरान बिजली के तार टूटना, पेड़ों का गिरना और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं. इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

मौसम खराब होते ही सबसे पहले क्या करें?

अगर बाहर तेज गर्जना सुनाई दे या बिजली चमकती दिखाई दे, तो तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाना चाहिए. खुले मैदान या सड़क पर रुकने के बजाय किसी पक्के मकान या सुरक्षित भवन में शरण लेना सबसे बेहतर माना जाता है. घर के अंदर रहने के दौरान भी सावधानी जरूरी है. खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहें और अनावश्यक रूप से बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल न करें.

बिजली गिरने के दौरान क्या करें?

आंधी-तूफान के समय कुछ जरूरी सावधानियां आपकी जान बचा सकती हैं. मौसम खराब होने पर घर के अंदर रहें और मोबाइल चार्जर, टीवी, कंप्यूटर या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें. कई बार बिजली गिरने के कारण करंट फैल सकता है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब होने के साथ हादसा भी हो सकता है.

अगर आप खेत, पार्क या खुले इलाके में हैं, तो तुरंत वहां से हट जाएं. किसी मजबूत इमारत या वाहन के अंदर जाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

पेड़ों और धातु की चीजों से रहें दूर

बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़ा होना बेहद खतरनाक हो सकता है. अक्सर लोग बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े हो जाते हैं, लेकिन आकाशीय बिजली सबसे पहले ऊंची चीजों को प्रभावित करती है.

इसी तरह लोहे के खंभे, तार, बाइक, साइकिल और दूसरी धातु की वस्तुओं को छूने से भी बचना चाहिए. धातु बिजली को तेजी से फैलाती है और इससे करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है.

घर के अंदर भी रखें सावधानी

कई लोग सोचते हैं कि घर के अंदर पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ सावधानियां यहां भी जरूरी होती हैं. आंधी और बिजली गिरने के दौरान नल, पाइप और पानी से जुड़ी चीजों का इस्तेमाल कम करना चाहिए. इसके अलावा खिड़कियों और बालकनी से दूर रहना बेहतर होता है. अगर बिजली बहुत ज्यादा चमक रही हो, तो टीवी, फ्रिज और दूसरे बड़े उपकरणों को बंद कर देना चाहिए.

बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान

मौसम खराब होने के दौरान बच्चों को बाहर खेलने न जाने दें. कई बार बच्चे बारिश में खेलने के लिए बाहर निकल जाते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है. बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी सुरक्षित जगह पर रखना जरूरी है. तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान घबराहट और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है.

नजरअंदाज न करें चेतावनी

आजकल मोबाइल और टीवी के जरिए मौसम की जानकारी आसानी से मिल जाती है. अगर मौसम विभाग तेज आंधी, बारिश या बिजली गिरने की चेतावनी जारी करे, तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए. कई हादसे सिर्फ इसलिए हो जाते हैं क्योंकि लोग चेतावनी के बावजूद सावधानी नहीं बरतते. समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाना सबसे अच्छा उपाय माना जाता है.

खेतों में काम करने वाले लोग रहें ज्यादा सतर्क

ग्रामीण इलाकों में किसान अक्सर खेतों में काम करते समय आंधी और बिजली की चपेट में आ जाते हैं. मौसम खराब होते ही खेतों से बाहर निकल जाना चाहिए.

ट्यूबवेल, बिजली के पोल और खुले पानी वाले इलाकों से दूर रहना जरूरी है. अगर आसपास कोई सुरक्षित भवन नहीं हो, तो खुले मैदान में सीधे खड़े रहने के बजाय नीचे झुककर बैठना बेहतर माना जाता है.

हर साल जाते हैं कई लोगों की जान

देश में हर साल आकाशीय बिजली गिरने की वजह से सैकड़ों लोगों की मौत होती है. कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हो जाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सावधानी से इन हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है. सरकार और मौसम विभाग भी लगातार लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील करते रहते हैं.

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक घटनाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही समय पर सही कदम उठाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित जरूर रखा जा सकता है. याद रखें, थोड़ी सी सावधानी आपकी और आपके अपनों की जिंदगी बचा सकती है. इसलिए मौसम खराब होने पर लापरवाही बिल्कुल न करें और हमेशा सुरक्षा नियमों का पालन करें.

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