lightning safety: बरसात का मौसम आते ही लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए तुरंत किसी पेड़ के नीचे खड़े हो जाते हैं. गांवों और खेतों में यह आदत बेहद आम है. लेकिन यही छोटी सी लापरवाही कई बार जान ले लेती है. खासकर किसानों के लिए यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि वे लंबे समय तक खुले खेतों में काम करते हैं. हर साल देश में आकाशीय बिजली गिरने से कई किसानों की मौत हो जाती है, और इन हादसों की एक बड़ी वजह यही है कि लोग बारिश से बचने के लिए पेड़ का सहारा लेते हैं.
हाल के दिनों में भी कई राज्यों में आंधी-बारिश के दौरान बिजली गिरने से किसानों की मौत की खबरें सामने आई हैं. खेतों में काम कर रहे ये लोग अचानक मौसम खराब होने पर पास के पेड़ के नीचे चले जाते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि वही जगह सबसे ज्यादा खतरनाक है.
पेड़ क्यों बन जाता है मौत का कारण
IMD के अनुसार, आकाशीय बिजली हमेशा ऊंची और अकेली खड़ी चीजों को अपनी ओर खींचती है. खुले मैदान में खड़ा पेड़ बिजली के लिए सबसे आसान निशाना होता है. जब बिजली पेड़ पर गिरती है, तो उसका करंट जमीन तक फैलता है.
अगर उस समय कोई व्यक्ति पेड़ के नीचे खड़ा हो, तो बिजली उसके शरीर से होकर गुजर सकती है. इंसान का शरीर बिजली का अच्छा चालक होता है, इसलिए यह झटका सीधे जानलेवा बन सकता है. यही कारण है कि पेड़ के नीचे खड़ा होना सबसे बड़ा जोखिम माना जाता है.
किसान सबसे ज्यादा खतरे में क्यों
खेती का काम पूरी तरह मौसम पर निर्भर होता है. किसान अक्सर खुले आसमान के नीचे घंटों काम करते हैं. जब अचानक बारिश या तूफान आता है, तो उनके पास सुरक्षित जगह नहीं होती. ऐसे में वे पेड़ के नीचे खड़े हो जाते हैं.
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली गिरने से होने वाली मौतों में बड़ी संख्या किसानों की होती है. खासकर गेहूं की कटाई, धान की रोपाई और बागवानी के दौरान किसान सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं.
सिर्फ बिजली नहीं, पेड़ भी गिर सकता है
जब पेड़ पर बिजली गिरती है, तो सिर्फ करंट का खतरा नहीं होता. पेड़ की टहनियां टूट सकती हैं या पूरा पेड़ गिर सकता है. कई बार पेड़ में आग भी लग जाती है. ऐसे में नीचे खड़े व्यक्ति के लिए खतरा और बढ़ जाता है.
बिजली गिरने से मौतें
NCRB के पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक प्राकृतिक आपदाओं में सबसे ज्यादा जानें बिजली गिरने से गई हैं. बिहार में 950, उत्तर प्रदेश में 900, मध्य प्रदेश में 870 और झारखंड में 610 लोगों की मौत आकाशीय बिजली की वजह से हुई. ये आंकड़े दिखाते हैं कि बारिश और तूफान के दौरान लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है, इसलिए लोगों को खासकर खेतों और खुले इलाकों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.
बिजली गिरने से पहले मिलेगी चेतावनी
भारत मौसम विभाग (IMD) का Damini ऐप बिजली गिरने से पहले अलर्ट देने वाला एक खास मोबाइल ऐप है. यह समय रहते चेतावनी देता है, जिससे किसान और आम लोग सुरक्षित जगह पर जा सकें. इस ऐप के जरिए मौसम से जुड़ी जानकारी और जरूरी सावधानियां भी मिलती हैं, जिससे परिवार, पशु और फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता है. यह ऐप किसानों के लिए खास तौर पर काफी उपयोगी साबित हो रहा है.
Damini App !
The Damini App from the India Meteorological Department (IMD) is your early warning tool against lightning strikes. It gives timely alerts and helps protect farmers and communities across India. It shares safety tips and helps protect your family, livestock, and… pic.twitter.com/yETeFNUUmq
— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 3, 2025
सुरक्षित रहने के जरूरी उपाय
मौसम खराब होने से पहले ही उसकी जानकारी लेना जरूरी है. अगर मौसम विभाग ने तूफान या बारिश की चेतावनी दी हो, तो खेत या बाहर जाने से बचना चाहिए .
- बारिश या बिजली कड़कने लगे तो तुरंत किसी पक्के घर या मजबूत वाहन में शरण लें. पेड़, बिजली के खंभे और धातु की चीजों से दूर रहना सबसे सुरक्षित तरीका है .
- अगर आप खुले खेत में हैं और कहीं छिपने की जगह नहीं है, तो जमीन पर लेटने के बजाय उकड़ू बैठ जाएं, दोनों पैर आपस में जोड़ लें और सिर नीचे रखें. इससे शरीर का संपर्क जमीन से कम होगा और खतरा थोड़ा घट सकता है .
- खेतों में पानी भरा हो तो वहां से तुरंत दूर हो जाएं, क्योंकि बिजली पानी के जरिए भी फैल सकती है.
- ट्रैक्टर, लोहे के औजार और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाकर रखें .
- पानी भरे खेतों, तालाब या नदी के पास से तुरंत दूर हो जाएं, क्योंकि बिजली पानी के जरिए भी फैल सकती है.
घर के अंदर भी रखें सावधानी
अगर आप घर में हैं, तो बिजली चमकने के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें. मोबाइल को चार्जिंग पर इस्तेमाल न करें और खिड़की-दरवाजे बंद रखें. पानी और धातु से जुड़े सामान को छूने से बचें .
हादसे के बाद क्या करें
अगर किसी व्यक्ति पर बिजली गिर जाए, तो तुरंत उसकी सांस और नाड़ी जांचें. जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार दें और तुरंत अस्पताल पहुंचाएं. ऐसे समय में हेल्पलाइन नंबर 1078 पर संपर्क करना भी जरूरी होता है.
जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा तरीका
बारिश में पेड़ के नीचे खड़े होना एक सामान्य आदत लग सकती है, लेकिन यह जानलेवा साबित हो सकती है. खासकर किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को इस बारे में ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है.
अगर हम समय रहते सावधानी बरतें और सही जानकारी अपनाएं, तो हर साल होने वाली कई मौतों को रोका जा सकता है. बारिश से बचने के लिए लिया गया एक गलत फैसला जिंदगी छीन सकता है, इसलिए सतर्क रहना ही सबसे जरूरी है.