Uttarakhand Flash Flood: चमोली में अचानक आई बाढ़ से बेली ब्रिज बहा, 12 गांवों का संपर्क टूटा
Chamoli Flash Flood 2026: चमोली में तमक नाले में अचानक आई बाढ़ से मलारी-नीती हाईवे का बेली ब्रिज बह गया, जिससे करीब 12 गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों का सड़क संपर्क टूट गया. प्रशासन ने राहत सामग्री की सप्लाई और वैकल्पिक आवाजाही की व्यवस्था शुरू कर दी है.
Uttarakhand Flash Flood: उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार शाम अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं. तमक नाले में तेज पानी और मलबे के बहाव के कारण मलारी-नीती हाईवे पर बना बेली ब्रिज बह गया. यह पुल जोशीमठ को नीती घाटी और सीमा से लगे इलाकों से जोड़ता था. पुल के बहने से करीब 12 गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. घटना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है. पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील बताए जा रहे हैं. राज्य के 13 में से 12 जिलों में अलर्ट जारी है.
IMD ने अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा जताया है. अलर्ट के बाद राज्य सरकार ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को स्थानीय हालात के अनुसार जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
तेज बहाव में बहा बेली ब्रिज
सोमवार शाम तमक नाले में अचानक पानी का बहाव काफी तेज हो गया. देखते ही देखते पानी और मलबे ने बेली ब्रिज को अपनी चपेट में ले लिया और पुल बह गया. यह पुल मलारी-नीती मार्ग पर काफी अहम था, क्योंकि इसके जरिए सीमावर्ती इलाकों तक आवाजाही होती थी. पुल के टूटने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए मलारी की ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी है. सीमा क्षेत्र में जाने वाले लोगों और स्थानीय ग्रामीणों को फिलहाल परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
BRO का ड्राइवर पानी में बहा, तलाश जारी
पुल के बहने के दौरान मौके पर मौजूद BRO का एक वाहन चालक भी तेज बहाव की चपेट में आ गया. अधिकारियों के मुताबिक, पंकज नाम का चालक नदी की तेज धारा में बहकर लापता हो गया है. वह पिथौरागढ़ जिले का रहने वाला बताया जा रहा है. घटना की सूचना मिलते ही SDRF और NDRF की टीमें मौके के लिए रवाना की गईं. लापता चालक की तलाश की जा रही है. इसके अलावा एक वाहन के भी बाढ़ के पानी में बहने की जानकारी सामने आई है.
🚨🇮🇳 A cloudburst turned a river into a force of destruction in Uttarakhand’s Chamoli district.
A valley bridge was completely ripped out and swept away by the flash flood, with shocking visuals capturing the moment it disappeared into the raging torrent. Rescue and assessment… pic.twitter.com/dyfDpbJ107
— Silent Observer (@YousufPash69914) August 10, 2026
12 गांवों की कनेक्टिविटी प्रभावित
बेली ब्रिज टूटने से जुम्मा, नीती समेत करीब 12 गांवों और सीमा से लगे इलाकों की सड़क कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है. प्रशासन के मुताबिक BRO ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का काम शुरू कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि, एक-दो दिन में लोगों के लिए किसी तरह की आवाजाही की व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की जा रही है. तमक नाले में बाढ़ आना कोई नई बात नहीं है. पिछले कुछ सालों में यहां बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण जोशीमठ-नीती सड़क कई बार बाधित हो चुकी है. बाढ़ का मलबा आगे धौली गंगा में पहुंचने से वहां भी स्थिति मुश्किल हो सकती है.
निचले इलाकों को अलर्ट किया गया
तमक नाले में पानी बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है. पुलिस और प्रशासन की टीमें लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दे रही हैं. प्रशासन को आशंका है कि, पानी का असर अलकनंदा नदी के जलस्तर पर भी पड़ सकता है. इसलिए संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है.
Salute to the brave Poclain operator! 🚜
Amid the devastating flash flood in Chamoli, Uttarakhand, he kept his calm, saved his own life and brought his machine to safety. True courage and presence of mind! 🇮🇳#Chamoli #Uttarakhand #Bravery #PoclainOperator pic.twitter.com/GqHH0EDqWt— KULDEEP RAWAT (@Rawat0Rawat) August 11, 2026
CM धामी ने दिए जरूरी सामान पहुंचाने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने राहत और बचाव कार्य तेज करने के साथ प्रभावित गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयां और जरूरी सामान की सप्लाई बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. सरकार का प्रयास है कि सड़क संपर्क टूटने के बावजूद ग्रामीणों को किसी तरह की जरूरी चीजों की कमी न हो.
12 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
इस बीच मौसम विभाग के फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल ने उत्तराखंड के 12 जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ का खतरा बताया है. इनमें अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल शामिल हैं. ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और तेज बहाव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की है. पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने की स्थिति को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.