आलू का भाव नहीं मिलने से 5 किसानों की आत्महत्या मामले पर सियासत गरमाई, MSP की मांग ने जोर पकड़ा
Potato Prices: देशभर में आलू किसान कम भाव मिलने को लेकर परेशान हैं. उत्तर प्रदेश, हरियाणा में आलू का भाव 200 रुपये से 600 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है. जबकि, किसानों का आलू की लागत 1000 रुपये से 1300 रुपये प्रति क्विंटल है.
पश्चिम बंगाल में फरवरी से अब तक 5 आलू किसानों की आत्महत्या करने का दावा भाजपा ने किया है. BJP की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख समिक भट्टाचार्य ने गुरुवार को दावा किया कि फरवरी से अब तक राज्य में कम से कम पांच किसानों ने अपनी जान दे दी है. उन्होंने TMC सरकार पर आलू किसानों को बेसहारा छोड़ने का आरोप लगाया, जो अपनी फसल की कीमतों में भारी गिरावट के संकट का सामना कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों से किसानों की मौत की खबरें आ रही हैं.
देशभर में आलू किसान कम भाव मिलने को लेकर परेशान हैं. उत्तर प्रदेश, हरियाणा में आलू का भाव 200 रुपये से 600 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है. जबकि, किसानों का आलू की लागत 1000 रुपये से 1300 रुपये प्रति क्विंटल है. आलू के भाव को लेकर देशभर में सियासत गरमाई हुई है. बीते दिनों उत्तर प्रदेश के आलू किसानों की हालत को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार को आड़े हाथों लिया और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.
फसल नहीं बेच पाने और कर्ज के बोझ से आत्महत्या करने को मजूबूर किसान
अब पश्चिम बंगाल में आलू किसानों की आत्महत्या करने की बात भाजपा की ओर से कही जा रही है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रमुख समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि किसान इस डर से अपनी जान दे रहे हैं कि वे अपनी फसल बेच नहीं पाएंगे और न ही कर्ज देने वालों का पैसा चुका पाएंगे, क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार ने दूसरे राज्यों को आलू भेजना बंद कर दिया है.
- Agriculture Budget: कृषि योजनाओं के लिए नहीं बढ़ा बजट, खेती पर खर्च होंगे 1.62 लाख करोड़ रुपये.. पढ़ें डिटेल्स
- Budget 2026: ‘विकसित भारत’ का दावा या जनता को धोखा? बजट पेश होते ही ममता से अखिलेश तक भड़के विपक्षी नेता!
- बजट में रिफॉर्म्स पर फोकस.. ग्रामीण विकास समेत इन सेक्टर्स को बूस्ट देने की घोषणाएं, पढ़ें- कृषि मंत्री ने क्या कहा
किसानों की सुसाइड के लिए ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया
उन्होंने दावा किया कि फरवरी से अब तक राज्य के अलग-अलग जिलों में कम से कम पांच किसानों ने आत्महत्या की है, और इन मौतों के लिए TMC के “लापरवाह रवैये” को जिम्मेदार ठहराया. भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार आलू किसानों को कोई भी आर्थिक मदद नहीं दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कोल्ड स्टोरेज मालिकों से कह रही है कि वे किसानों से आलू बाजार भाव से ज्यादा कीमत पर खरीदें. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सरकार अपनी जिम्मेदारी कोल्ड स्टोरेज मालिकों पर डालने की कोशिश कर रही है.
आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करे सरकार
भाजपा नेता ने कहा कि किसानों के साथ खड़े होना सरकार का पहला कर्तव्य है. सरकार को उनकी मदद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करना चाहिए और उनकी फसल की बिक्री पर नजर रखनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें अपनी फसल का सही दाम मिले. भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में कृषि क्षेत्र मुश्किल दौर से गुजर रहा है. अवैध खनन होने से नदियों का रास्ता बदल रहा है और उपजाऊ जमीनें पानी में डूब रही हैं, जिससे कृषि उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है.