US Trade Deal के नाम पर किसानों के साथ विश्वासघात हो रहा.. राहुल गांधी ने पीएम से मांगे 5 सवालों के जवाब

US India Trade Deal: राहुल गांधी अमेरिका के साथ किए जा रहे व्यापार समझौते में अमेरिकी उत्पादों के लिए कृषि बाजार खोले जाने का विरोध कर रहे हैं. राहुल गांधी ट्रेड डील से किसानों को होने वाले कथित नुकसान को लेकर सीधा सरकार से सवाल कर रहे हैं. वह पहले ही कह चुके हैं कि किसानों की लड़ाई लड़ेंगे और एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे.

नोएडा | Updated On: 15 Feb, 2026 | 03:19 PM

Rahul Gandhi on US India Trade Deal: भारत अमेरिकी व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेर रखा है. पहले संसद में और अब सोशल मीडिया के जरिए राहुल गांधी ट्रेड डील से किसानों को होने वाले कथित नुकसान को लेकर सीधा सरकार से सवाल कर रहे हैं. वह पहले ही कह चुके हैं कि किसानों की लड़ाई लड़ेंगे और एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे. अब उन्होंने पीएम मोदी से यूएस ट्रेड डील को लेकर 5 तीखे सवालों के जवाब मांगे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि किसानों को ये सफाई तो मिलनी ही चाहिए कि आप किस तरह की डील कर रहे हैं और यह सिर्फ आज की बात नहीं है. ये भविष्य की भी बात है – क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं.

अमेरिकी ट्रेड डील पर क्यों मचा है बवाल

भारत अमेरिका ट्रेड डील किए जाने की जानकारी बीते 6 फरवरी को जारी की गई थी, जिसमें सेब, लाल ज्वार, सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs), ड्राई फ्रूट, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स के लिए भारतीय बाजार खोले जाने का दावा किया गया था. जिसके बाद से भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होने की आंशका जताई जा रही है और विपक्ष ने विरोध किया है. जबकि, किसान संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. हालांकि, सरकार की ओर से केंद्रीय वाणिज्य और केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि अमेरिका के साथ समझौते से भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा.

राहुल गांधी ने पीएम से 5 सवालों के जवाब मांगे

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि US trade deal के नाम पर हम भारत के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए देख रहे हैं. राहुल गांधी ने लिखा कि मैं प्रधानमंत्री से कुछ आसान सवाल पूछना चाहता हूं –

1. DDG import करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को GM अमेरिकी मक्का से बने distillers grain खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?

2. अगर हम GM सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा? वे एक और कीमतों का झटका कैसे झेल पाएंगे?

3. जब आप “additional products” कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है?

4. “Non-trade barriers” हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर GM फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, procurement को कमजोर करने या MSP और bonuses को कम करने का दबाव डाला जाएगा?

5. एक बार यह दरवाजा खुल गया, तो हर साल इसे और ज्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज पर रख दिया जाएगा? किसानों को ये सफाई तो मिलनी ही चाहिए. यह सिर्फ आज की बात नहीं है. ये भविष्य की भी बात है – क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं.

मैं किसानों के लिए लड़ूंगा – राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ की गई डील में अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोले गए घरेलू बाजार पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने बीते दिनों वीडियो जारी करते हुए कहा कि मुझ पर चाहे  FIR हो, मुकदमा दर्ज हो या Privilege प्रस्ताव लाएं – मैं किसानों के लिए लड़ूंगा. जो भी ट्रेड डील किसानों की रोजी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है. अन्नदाताओं के हितों से किसान विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे.

Published: 15 Feb, 2026 | 03:10 PM

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