सरकारी खरीद के बावजूद किसान नहीं बेच पा रहे MSP पर मक्का, 600 रुपये क्विंटल नुकसान
तेलंगाना में मक्का खरीद सीजन में किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. MSP के बावजूद भुगतान में देरी, सीमित खरीद और बिचौलियों को कम दाम पर बिक्री से नुकसान हो रहा है. गन्नी बैग, हमाल और परिवहन की कमी से खरीद प्रक्रिया प्रभावित है.
Maize procurement: तेलंगाना में इस बार मक्का खरीद सीजन की शुरुआत से ही किसानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई किसान बिचौलियों को 1,600 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर मक्का बेचने को मजबूर हैं, जबकि सरकार ने इसका MSP 2,400 रुपये तय किया है. इससे किसानों को हर क्विंटल पर करीब 600 रुपये का नुकसान हो रहा है. खास बात यह है कि कई किसानों को एमएसपी पर उपज बेचने के बावजूद अभी तक भुगतान नहीं हुआ है.
यही वजह है कि मक्का खरीद को लेकर किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. अब नई समस्या यह सामने आई है कि खरीदी गई फसल का भुगतान भी समय पर नहीं मिल रहा है. सरकार ने पहले आश्वासन दिया था कि फसल बेचने के 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में पैसा जमा कर दिया जाएगा, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग है. कई किसानों को 15 दिन बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं मिला है. इससे किसान काफी परेशान हैं, खासकर वे जो वानाकालम सीजन की खेती की तैयारी में जुटे हैं और निवेश के लिए पैसे का इंतजार कर रहे हैं.
42.92 करोड़ रुपये का भुगतान
तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को मक्का खरीद के बदले किसानों को कुल 42.92 करोड़ रुपये का भुगतान करना है, क्योंकि मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,400 रुपये प्रति क्विंटल तय है. लेकिन अभी तक किसानों को एक भी रुपये का भुगतान नहीं मिला है, जिससे वे काफी इंतजार और चिंता में हैं. इसके साथ ही एक और समस्या सामने आई है कि प्रति एकड़ केवल 25 क्विंटल मक्का ही खरीदा जा रहा है, जबकि वास्तविक उत्पादन 35 से 40 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो रहा है. इस वजह से किसानों को बाकी बची फसल को बाजार में कम दाम पर बेचना पड़ रहा है.
1.78 लाख क्विंटल मक्का की खरीद
अब तक करीमनगर, चोप्पाडांडी, गन्नेरुवरम, चिगुरुमामिडी, थिम्मापुर, सैदापुर और जम्मीकुंटा जैसे केंद्रों पर कुल 1.78 लाख क्विंटल मक्का की खरीद की जा चुकी है, जो 4,720 किसानों से प्राप्त हुई है. वहीं, भुगतान में देरी और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं के कारण किसान चिंता में हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं. कई केंद्रों पर गन्नी बैग (बोरों) की कमी है, वहीं मक्का की तुलाई के लिए हमालों की भी कमी देखी जा रही है. इसके अलावा फसल को गोदाम तक पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में काफी कठिनाई हो रही है. इन समस्याओं के कारण किसान खरीद प्रक्रिया से परेशान हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं.
मंडियों में मक्का का ताजा रेट
Agmarknet के आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना के अलग-अलग APMC मंडियों में मई महीने के दौरान मक्का के दामों में काफी अंतर देखा गया. अचम्पेट APMC मंडी में 22 मई को लगभग 18.75 मीट्रिक टन मक्का की आवक हुई. यहां मक्का की कीमत न्यूनतम 1,607 रुपये प्रति क्विंटल और अधिकतम 1,886 रुपये प्रति क्विंटल रही. औसत (मॉडल) कीमत 1,880 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई. वहीं, बेल्लमपल्ली APMC मंडी में 19 मई को यहां 25 मीट्रिक टन मक्का आया और इसकी कीमत 2,400 रुपये प्रति क्विंटल रही, जो न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल तीनों स्तर पर समान थी. इसी तरह 23 मई को भी 30 मीट्रिक टन मक्का आया और कीमत 2,400 रुपये प्रति क्विंटल ही बनी रही.