बिहार कैबिनेट ने अपने ताजा फैसले में किसानों का गन्ना बकाया भुगतान करने को मंजूरी दी है. लेकिन, यह रकम सिर्फ 43 करोड़ रुपये मंजूर की गई है, जबकि बकाया राशि काफी ज्यादा है. इसके साथ ही देशभर के किसानों के बकाया भुगतान को लेकर बहस छिड़ गई है. अलग-अलग राज्यों में किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद कुछ बकाया रकम जरूर जारी की गई है. लेकिन, यह रकम ऊंट के मुंह में जीरा के समान है, क्योंकि किसानों का गन्ना बकाया लगभग 12 हजार करोड़ रुपये राज्य सरकारों के ऊपर है.
बिहार ने 43 करोड़ देने को मंजूरी दी पर कुल बकाया 212 करोड़
बिहार कैबिनेट ने बीते दिन सासामुसा शुगर वर्क्स से जुड़े किसानों के गन्ना बकाया भुगतान के लिए 43 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह फैसला राहत भरा बताया जा रहा है. जबकि, राज्य के ऊपर गन्ना किसानों का करीब 212 करोड़ रुपये बकाया है. ऐसे में 43 करोड़ रकम को किसान संगठन ऊंट के मुंह में जीरा के समान बता रहे हैं.
पंजाब पर गन्ना किसानों का 250 करोड़ बकाया
किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब ‘किसान इंडिया’ को बताया गया कि राज्य के गन्ना किसानों का करीब 250 करोड़ रुपये सरकार के पास बकाया है. बता दें कि यह राशि मिलों की ओर से किसानों को भुगतान नहीं की जा सकी है. जबकि, सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह 100 फीसदी भुगतान कराए. किसान नेताओं ने बताया कि पंजाब में गन्ने की पेराई का सीजन मार्च में खत्म हो गया, लेकिन पूरे राज्य के गन्ना किसानों को अब भी लगभग 250 करोड़ रुपये के भुगतान का इंतजार है. भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने किसान इंडिया को बताया कि पंजाब सरकार गन्ने का बकाया भुगतान नहीं कर रही है. इससे किसानों को आर्थिक परेशानी हो रही है.
गन्ना किसानों का किस राज्य पर कितना बकाया
केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की अनुदान मांगों पर एक रिपोर्ट में बताया गया कि विभाग ने उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण पर संसदीय स्थायी समिति को जानकारी दी कि 16 फरवरी 2026 तक देश में गन्ना मूल्य का कुल बकाया 16 हजार करोड़ से अधिक है. गन्ना किसानों का पेराई सीजन 2025-26 के लिए चीनी मिलों पर कुल बकाया (गन्ना एरियर्स) 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच गया है. कर्नाटक में किसानों का राज्य के चीनी मिलों पर लगभग 4,956 करोड़ रुपये बकाया है. महाराष्ट्र की चीनी मिलों पर लगभग 4,252 करोड़ रुपये बकाया है. इसी तरह उत्तर प्रदेश में किसानों का मिलों पर लगभग 3,287 करोड़ रुपये बकाया है. गुजरात में 1,402 करोड़ रुपये, हरियाणा में 373 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश में 366 करोड़ रुपये, उत्तराखंड में 235 करोड़ रुपये और तमिलनाडु में 203 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज किया गया है. हालांकि, मई में जारी भुगतान आंकड़ों में इन बकाया में से कुछ हिस्सा किसानों को दिया गया है.
देशभर के गन्ना किसानों का 12 हजार करोड़ रुपये बकाया
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मई 2026 में जारी भुगतान आंकड़ों में कहा गया है कि पिछले चीनी सीजन 2024-25 में 20 अप्रैल 2026 तक गन्ने के कुल 1,02,687 करोड़ रुपये के बकाया में से किसानों को लगभग 1,02,209 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है. इस प्रकार गन्ने का लगभग 99.5 फीसदी बकाया चुका दिया गया है. जबकि, चीनी सीजन 2025-26 में 20 अप्रैल 2026 तक गन्ने के कुल 1,12,740 करोड़ रुपये के बकाया में से किसानों को लगभग 99,961 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. इस प्रकार से गन्ने का लगभग 88.6 फीसदी बकाया चुकाया गया है. जबकि, 11 फीसदी यानी करीब 12 हजार करोड़ रुपये किसानों का अभी बकाया है. यह राशि देशभर के किसानों को दी जानी है.