महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, 5000 से अधिक महिला किसानों को दी जाएगी खेती की ट्रेनिंग
आजीविका और ग्रामीण स्थिरता में लंबे समय तक सुधार आने की उम्मीद है. यह परियोजना ऐसे समय में शुरू की गई है, जब संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है. पहले चरण में नागपुर, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, परभणी, जलगांव, बीड, अकोला और नांदेड़ जिलों को शामिल किया गया है.
Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार ने महिला किसानों की आमदनी बढ़ाने और सशक्त बनाने के लिए बड़ी पहल की है. उसने गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इस साझेदारी के तहत राज्य के कपास उत्पादक जिलों की 5,000 से ज्यादा महिला किसानों को टिकाऊ और आधुनिक खेती की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके लिए गोदरेज एग्रोवेट और महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (MSRLM-उमेद) के बीच मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं. राज्य सरकार का मानना है कि उसके इस फैसले से राज्य में महिला किसान सशक्त होंगी और कपास के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसान महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और कृषि आधारित परिवारों में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है. राज्य सरकार महिला किसानों को समय पर सहायता, ऋण की सुविधा और वैज्ञानिक मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध है. यह तीन साल का कार्यक्रम गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिसेज (GAP) और इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (IPM) पर केंद्रित होगा, जिससे खेती की लागत कम होगी और आय बढ़ेगी.
पहले चरण में इन जिलों को किया गया शामिल
इस पहल से कृषि उत्पादकता, आजीविका और ग्रामीण स्थिरता में लंबे समय तक सुधार आने की उम्मीद है. यह परियोजना ऐसे समय में शुरू की गई है, जब संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है. पहले चरण में नागपुर, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, परभणी, जलगांव, बीड, अकोला और नांदेड़ जिलों को शामिल किया गया है, जहां करीब 100 स्वयं सहायता समूहों और 50,000 एकड़ क्षेत्र की महिला किसानों को लाभ मिलेगा. आने वाले वर्षों में इस कार्यक्रम को 500 से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों तक बढ़ाया जाएगा और कपास के साथ मक्का जैसी अन्य फसलों को भी शामिल किया जाएगा.
महिला किसानों को दी जाएगी ट्रेनिंग
खास बात यह है कि इस योजना के तहत महिला किसानों को अच्छी खेती के आधुनिक तरीके और कीट प्रबंधन के प्रभावी उपाय की ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे खेती का खर्च कम होगा और फसल की गुणवत्ता व पैदावार बेहतर होगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी. कार्यक्रम से करीब 50,000 एकड़ में खेती करने वाली महिला किसान जुड़ेंगी. साथ ही, कपास के अलावा मक्का जैसी अन्य फसलों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी.
संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया
इस समझौते के तहत महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (MSRLM-उमेद) महिला किसानों को स्वयं सहायता समूहों और कृषि सखी नेटवर्क के माध्यम से जोड़ेगा. वहीं गोदरेज एग्रोवेट महिला किसानों को प्रशिक्षण देगा, खेतों में सीखने के लिए डेमो प्लॉट, किसान फील्ड स्कूल और सुरक्षा किट उपलब्ध कराएगा. यह योजना ऐसे समय शुरू की गई है, जब संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है, जिससे साफ है कि महाराष्ट्र सरकार महिला किसानों को सशक्त बनाने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है.