PM Kisan Yojana: क्या एक ही परिवार के सभी किसानों को मिलते हैं 6000 रुपये? जानिए क्या कहते हैं नियम

पीएम किसान योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी. इसका उद्देश्य देश के उन किसानों को सीधी आर्थिक मदद देना है, जिनके पास सीमित खेती योग्य जमीन है. सरकार इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये देती है. यह रकम तीन बराबर किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है.

नई दिल्ली | Updated On: 30 Jan, 2026 | 10:03 AM

PM Kisan Scheme: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज देश के करोड़ों किसानों के लिए भरोसे का सहारा बन चुकी है. हर साल मिलने वाली आर्थिक मदद से छोटे और सीमांत किसान बीज, खाद और खेती से जुड़ी दूसरी जरूरतें पूरी कर पाते हैं. लेकिन जैसे-जैसे योजना का दायरा बढ़ा है, वैसे-वैसे किसानों के मन में इससे जुड़े नियमों को लेकर कई सवाल भी उठते रहते हैं. सबसे आम सवाल यही है कि क्या एक ही परिवार के सभी सदस्यों को पीएम किसान योजना के तहत सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं या फिर इसका लाभ सिर्फ एक ही व्यक्ति को दिया जाता है.

योजना की शुरुआत और मकसद

पीएम किसान योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी. इसका उद्देश्य देश के उन किसानों को सीधी आर्थिक मदद देना है, जिनके पास सीमित खेती योग्य जमीन है. सरकार इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये देती है. यह रकम तीन बराबर किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, ताकि बीच में किसी तरह की कटौती या परेशानी न हो.

परिवार को लेकर क्या कहते हैं नियम

जब बात परिवार की आती है, तो यहां सरकार ने बहुत साफ नियम तय किए हैं. पीएम किसान योजना में “परिवार” का मतलब पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चे होते हैं. इस पूरे परिवार में से सिर्फ एक ही व्यक्ति को इस योजना का लाभ दिया जाता है. यानी अगर पति और पत्नी दोनों खेती करते हैं, तब भी दोनों को अलग-अलग 6,000 रुपये नहीं मिलेंगे. सरकारी रिकॉर्ड में जिस व्यक्ति के नाम पर खेती की जमीन दर्ज है, वही इस योजना का लाभ लेने का हकदार माना जाता है.

कई बार ऐसा होता है कि परिवार के अलग-अलग सदस्य खेती के काम में बराबर की मेहनत करते हैं. फिर भी योजना के तहत लाभ जमीन के मालिक को ही मिलता है, न कि खेती में काम करने वाले हर सदस्य को.

कब मिल सकता है परिवार के दो लोगों को लाभ

कुछ खास परिस्थितियों में एक ही परिवार के दो सदस्य पीएम किसान योजना का फायदा ले सकते हैं, लेकिन यह नियम बहुत सीमित है. अगर परिवार के दो अलग-अलग सदस्यों के नाम पर अलग-अलग खेती योग्य जमीन दर्ज है और दोनों को सरकारी रिकॉर्ड में अलग परिवार के रूप में माना गया है, तभी दोनों पात्र हो सकते हैं.

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सिर्फ अलग बैंक अकाउंट या अलग आधार कार्ड होना काफी नहीं है. जमीन के कागजात, परिवार का रिकॉर्ड और स्थानीय स्तर पर होने वाला सत्यापन ही तय करता है कि कौन व्यक्ति योजना का असली लाभार्थी है.

आवेदन प्रक्रिया कैसे होती है

पीएम किसान योजना में आवेदन करना अब पहले से काफी आसान हो गया है. किसान चाहें तो pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाकर खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC केंद्र से भी आवेदन कराया जा सकता है.

आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और जमीन से जुड़े दस्तावेज सबसे जरूरी होते हैं. सभी जानकारियां सही और अपडेट होनी चाहिए, क्योंकि गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर किस्त अटक सकती है या योजना से नाम भी हटाया जा सकता है.

गलत जानकारी पर हो सकती है कार्रवाई

सरकार अब इस योजना में डेटा मिलान और जांच पर ज्यादा जोर दे रही है. अगर किसी ने जानबूझकर गलत जानकारी दी है या नियमों के खिलाफ लाभ लिया है, तो उससे वसूली भी की जा सकती है. इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करते समय पूरी ईमानदारी से सही विवरण भरें.

किसानों के लिए जरूरी समझ

पीएम किसान योजना का मकसद ज्यादा से ज्यादा किसानों तक मदद पहुंचाना है, लेकिन इसके लिए नियमों का पालन करना जरूरी है. यह समझना जरूरी है कि यह योजना परिवार के लिए नहीं, बल्कि पात्र किसान के लिए बनाई गई है. अगर किसान सही जानकारी के साथ आवेदन करते हैं, तो यह योजना खेती के खर्च में बड़ी राहत दे सकती है और आर्थिक सुरक्षा भी देती है.

Published: 30 Jan, 2026 | 09:03 AM

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