हरियाणा में सूरजमुखी खरीद पर बड़ा ऐलान, इन 5 जिलों में MSP पर खरीदी जाएगी फसल
हरियाणा सरकार ने जिन जिलों में खरीद केंद्र बनाए हैं, उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला और यमुनानगर शामिल है. इनमें सबसे ज्यादा खरीद केंद्र अंबाला और कुरुक्षेत्र जिलों में बनाए गए हैं. दोनों जिलों में सात-सात मंडियों को खरीद केंद्र घोषित किया गया है.
Haryana sunflower procurement: हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए सूरजमुखी की सरकारी खरीद की तैयारी शुरू कर दी है. किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाने के लिए सरकार ने पांच जिलों में 17 खरीद केंद्र घोषित किए हैं. इस फैसले से हजारों किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
सरकार ने इस बार सूरजमुखी का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. किसानों का कहना है कि यदि खरीद समय पर शुरू हुई और पूरी फसल MSP पर खरीदी गई तो उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी.
पांच जिलों में बनाए गए खरीद केंद्र
हरियाणा सरकार ने जिन जिलों में खरीद केंद्र बनाए हैं, उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला और यमुनानगर शामिल है. इनमें सबसे ज्यादा खरीद केंद्र अंबाला और कुरुक्षेत्र जिलों में बनाए गए हैं. दोनों जिलों में सात-सात मंडियों को खरीद केंद्र घोषित किया गया है.
अंबाला और कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा मंडियां
अंबाला जिले में अंबाला सिटी, अंबाला कैंट, बराड़ा, मुलाना, शाहजादपुर, साहा और नारायणगढ़ मंडियों को खरीद केंद्र बनाया गया है. वहीं कुरुक्षेत्र जिले में इस्माइलाबाद, थानेसर, थोल, शाहाबाद, लाडवा, बाबैन और झांसा मंडियों में सूरजमुखी की खरीद होगी. इसके अलावा करनाल अनाज मंडी, पंचकूला के बरवाला और यमुनानगर के साढौरा को भी खरीद केंद्र बनाया गया है.
जून से शुरू होगी सरकारी खरीद
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार सूरजमुखी की कटाई 1 जून से 15 जून के बीच होने की संभावना है. वहीं सरकारी खरीद 1 जून से 30 जून तक चलेगी. हालांकि किसान संगठनों का कहना है कि कुछ इलाकों में फसल की कटाई मई के आखिरी सप्ताह से ही शुरू हो सकती है. ऐसे में किसानों ने सरकार से जल्द खरीद शुरू करने की मांग की है.
इस बार अच्छी दिख रही है फसल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सूरजमुखी की फसल काफी अच्छी नजर आ रही है. मौसम अनुकूल रहने के कारण किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया को लेकर सभी जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
मंडियों में शुरू हुई तैयारियां
खरीद केंद्र घोषित होने के बाद मंडियों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. मंडियों की सफाई, स्टोरेज और अन्य व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है. साथ ही किसानों से अपील की कि वे साफ और सूखी फसल लेकर आएं ताकि खरीद प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके.
किसान संगठन ने सरकार से की मांग
भारतीय किसान यूनियन (चरुनी) के प्रवक्ता राकेश कुमार बैन्स के अनुसार, सूरजमुखी एक संवेदनशील फसल है और अगर खरीद में देरी हुई तो किसानों को नुकसान हो सकता है. उन्होंने सरकार से मांग की कि जैसे ही मंडियों में फसल की आवक शुरू हो, तुरंत खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों की पूरी फसल MSP पर खरीदी जाए.
MSP के बावजूद किसानों की चिंता बरकरार
किसानों का कहना है कि कई बार सरकार MSP घोषित कर देती है, लेकिन खरीद समय पर नहीं होती. ऐसे में किसान मजबूरी में अपनी फसल व्यापारियों को कम दाम पर बेच देते हैं. इस बार किसानों को उम्मीद है कि सरकार खरीद प्रक्रिया को बेहतर तरीके से लागू करेगी और भुगतान भी समय पर किया जाएगा.
सूरजमुखी की खेती क्यों बन रही पसंद?
हरियाणा में सूरजमुखी की खेती लगातार बढ़ रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह फसल कम समय में तैयार हो जाती है और तेल उत्पादन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. खाद्य तेलों की बढ़ती मांग और बेहतर बाजार मिलने के कारण किसान अब सूरजमुखी की खेती की ओर ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं.
किसानों की नजर अब खरीद प्रक्रिया पर
फिलहाल हरियाणा के किसानों की नजर सरकारी खरीद व्यवस्था पर टिकी हुई है. किसानों को उम्मीद है कि इस बार खरीद प्रक्रिया समय पर शुरू होगी और उन्हें अपनी फसल का सही दाम मिलेगा. अगर सरकार पूरी पारदर्शिता और तेजी से खरीद करती है, तो यह कदम सूरजमुखी किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.