Onion procurement: केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए इस साल खरीदी जल्द शुरू करने का फैसला किया है. सरकार 2026-27 सीजन के लिए बफर स्टॉक की खरीद अप्रैल के आखिरी हफ्ते तक शुरू करने जा रही है. इसका मकसद रबी फसल के दौरान बाजार हस्तक्षेप करना और कीमतों के अचानक बढ़ने से रोकना है. खास बात यह है कि इस साल 2 लाख टन प्याज खरीद का लक्ष्य तय किया गया है. यह फैसला कंज्यूमर अफेयर्स विभाग द्वारा आयोजित मंत्री समूह की बैठक में लिया गया है. हालांकि, सरकार के इस फैसले से महाराष्ट्र के बड़े किसान नेता और शेतकरी संगठन के अध्यक्ष अनिल सिंह घनवट खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि इससे किसानों को फायदा होने के बजाए नुकसान ही ज्यादा होगा.
अनिल सिंह घनवट ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार को बफर स्टॉक के लिए खरीदी बंद ही कर देनी चाहिए. क्योंकि इससे किसानों को कुछ फायदा नहीं होता. खरीद एजेंसियां किसानों से खरीदने के बजाए व्यापारियों से प्याज की खरीदी करती हैं. इससे प्याज के रेट बढ़ने के बजाए और गिर जाते हैं. उन्होंने कहा कि व्यापारी और खरीद एजेंसियां मिलकर प्याज खरीद के नाम पर घोटाले भी करते हैं.
प्याज की सरकारी खरीदी से किसानों को नुकसान
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्याज की खरीदी किसानों को घाटे से उबारने के लिए नहीं, बल्कि दाम को बढ़ने से रोकने के लिए करने जा रही है. यानी सरकार को प्याज की गिरती कीमत से कोई लेना देना नहीं है. उनका मुख्य उदेश्य आने वाले समय में प्याज की कीमतों को बढ़ने से रोकना है. अनिल सिंह घनवट ने कहा कि प्याज की सरकारी खरीदी किसानों के लिए दुखदाई ही होती है. क्योंकि बफर के लिए खरीदी शुरू होने पर मंडियों में इसके रेट और गिर जाते हैं. ऐसे में किसानों को केवल नुकसान ही उठाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि कई महीनों से प्याज का रेट उत्पादन लागत से भी कम हैं. इसलिए सरकार को प्याज किसानों को नुकसान से निकालने के लिए आर्थिक मदद करनी चाहिए.
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नोट:- प्याज के रेट के आंकड़े Agmarknet से लिए गए हैं
| बाजार | 1-8 अप्रैल 2026 कीमत (₹/क्विंटल) | 24-31 मार्च 2026 कीमत (₹/क्विंटल) | 1-8 मार्च 2026 कीमत (₹/क्विंटल) | 1-8 अप्रैल 2025 कीमत (₹/क्विंटल) | पिछले सप्ताह से परिवर्तन | पिछले महीने से परिवर्तन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| अहमदनगर APMC | 731.10 | 700.00 | 650.00 | 1,072.02 | ↑ 4.4% | ↑ 12.5% |
| अकलूज APMC | 905.65 | 820.92 | 873.46 | 1,250.53 | ↑ 10.3% | ↑ 3.7% |
| अकोला APMC | 771.80 | 821.50 | 900.00 | 1,112.78 | ↓ 6.0% | ↓ 14.2% |
| अमरावती (फल और सब्जी बाजार) APMC | 1,074.51 | 1,133.59 | 1,511.73 | 968.74 | ↓ 5.2% | ↓ 28.9% |
| लसालगांव (विंचुर) APMC | 1,008.10 | 1,024.10 | 932.26 | 1,198.40 | ↓ 1.6% | ↑ 8.1% |
दो एजेंसियां करेंगी प्याज की खरीदी
द फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल प्याज की खरीद NAFED और NCCF के माध्यम से की जाएगी. दोनों एजेंसियों को 1-1 लाख टन प्याज खरीदने की जिम्मेदारी दी गई है. सीधा रबी फसल के उत्पादन से खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं और तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. सरकार का बफर स्टॉक प्याज की कीमतें नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है. खासकर सितंबर से नवंबर के दौरान जब आपूर्ति कम होती है, तब स्टॉक बाजार में छोड़ा जाता है, ताकि कीमतों को अचानक बढ़ने से रोका जा सके और रिटेल महंगाई पर असर कम किया जा सके.
प्याज खरीदी का टारगेट हुआ कम
पिछले कुछ सालों में प्याज की खरीद नीति और लचीली हो गई है. 2024-25 में सरकार ने 4.7 लाख टन प्याज की खरीदी की और सितंबर से स्टॉक बाजार में जारी किया. अगले साल, आपूर्ति स्थिर रहने के कारण खरीदी 3 लाख टन तक सीमित रही. हालांकि, पिछले साल कुछ समस्याओं के कारण खरीद जुलाई में देर से शुरू हुई थी. इस साल, सरकार पहले से तैयार होकर जल्दी खरीद करने पर ध्यान दे रही है.