सीफूड एक्सपोर्ट में कर्नाटक का कमाल! निर्यात में 56 फीसदी उछाल, पांचवें स्थान पर पहुंचा राज्य
भारत के सीफूड निर्यात ने 2025-26 में नया रिकॉर्ड बनाया है. कर्नाटक का निर्यात 56.1 फीसदी बढ़कर 5,371.85 करोड़ रुपये पहुंच गया और राज्य पांचवें स्थान पर आ गया. देश का कुल समुद्री खाद्य निर्यात 73,890 करोड़ रुपये रहा. फ्रोजन झींगा सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बना, जबकि सूखे समुद्री उत्पादों में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई.
Seafood Export: कर्नाटक ने साल 2025-26 में समुद्री खाद्य (सीफूड) निर्यात के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है. राज्य का सीफूड निर्यात मूल्य 56.1 प्रतिशत बढ़कर 5,371.85 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो 2024-25 में 3,440.57 करोड़ रुपये था. यह बढ़ोतरी देश की कुल सीफूड निर्यात वृद्धि 18.4 प्रतिशत से काफी ज्यादा रही. लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक सीफूड निर्यात करने वाले राज्यों की रैंकिंग में भी ऊपर पहुंच गया है. राज्य 2024-25 में छठे स्थान पर था, जो अब 2025-26 में पांचवें स्थान पर आ गया है.
देश का कुल सीफूड निर्यात भी 2025-26 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. भारत ने इस दौरान 73,890.46 करोड़ रुपये का समुद्री खाद्य निर्यात किया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 62,408.45 करोड़ रुपये था. निर्यात की मात्रा भी 16.1 प्रतिशत बढ़कर 16.98 लाख टन से 19.72 लाख टन हो गई. दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश सबसे बड़ा सीफूड निर्यातक राज्य बना हुआ है. 2025-26 में आंध्र प्रदेश का निर्यात 11.9 प्रतिशत बढ़कर 23,765.11 करोड़ रुपये पहुंच गया.
सीफूड निर्यात के मामले में सबसे तेज वृद्धि
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में कर्नाटक ने सीफूड निर्यात के मामले में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है. साल 2025-26 में कर्नाटक से समुद्री खाद्य निर्यात की मात्रा बढ़कर 3.37 लाख टन पहुंच गई, जो 2024-25 में 2.42 लाख टन थी. यानी निर्यात मात्रा में करीब 39.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. अन्य दक्षिणी राज्यों की बात करें तो केरल ने 2025-26 में 8,466.77 करोड़ रुपये का सीफूड निर्यात किया, जिसमें सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की वृद्धि रही. वहीं, तमिलनाडु का निर्यात 7,660.48 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 8.9 प्रतिशत अधिक है. छोटे निर्यातक राज्य तेलंगाना ने भी 715.02 करोड़ रुपये का सीफूड निर्यात किया, जिसमें 16.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
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1.20 लाख टन समुद्री खाद्य निर्यात किया
कर्नाटक के सीफूड निर्यात में पिछले कुछ वर्षों में लगातार सुधार हुआ है. 2021-22 में राज्य ने 1.20 लाख टन समुद्री खाद्य निर्यात किया था, जिसकी कीमत 1,962.19 करोड़ रुपये थी. यह आंकड़ा 2022-23 में बढ़कर 3.12 लाख टन और 4,737.23 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि 2023-24 में मात्रा थोड़ी घटकर 3.01 लाख टन रही, लेकिन निर्यात मूल्य करीब 4,785 करोड़ रुपये पर बना रहा. साल 2025-26 में भारत के समुद्री खाद्य (सीफूड) निर्यात में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 2024-25 में गिरावट के बाद निर्यात ने फिर से रफ्तार पकड़ी और मात्रा के साथ-साथ कमाई में भी सुधार हुआ.
झींगा निर्यात ने पकड़ी रफ्तार, सूखे उत्पादों की मांग भी बढ़ी
देश के ज्यादातर प्रमुख समुद्री उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी देखने को मिली. इनमें फ्रोजन झींगा (Frozen Shrimp) सबसे आगे रहा और निर्यात बास्केट में इसका दबदबा बना रहा. 2025-26 में फ्रोजन झींगा का निर्यात बढ़कर 7.93 लाख टन हो गया, जबकि पिछले साल यह 7.42 लाख टन था. इसके निर्यात मूल्य में भी 13.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 43,334.25 करोड़ रुपये से बढ़कर 49,037.93 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं, अन्य समुद्री उत्पादों में सूखे उत्पाद के निर्यात में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई. इसकी मात्रा 62 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 4.10 लाख टन हो गई. वहीं, निर्यात मूल्य में करीब 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह 5,079.09 करोड़ रुपये पहुंच गया.