प्याज किसानों को राहत, सरकार ने गठित की समिति.. कीमतों में आ रही गिरावट पर लगेगा ब्रेक ?

महाराष्ट्र सरकार ने प्याज की गिरती कीमतों से किसानों को राहत देने के लिए विशेषज्ञ उप-समिति बनाई है. समिति दामों में गिरावट के कारण, निर्यात नीति के प्रभाव, भंडारण व्यवस्था और वैल्यू चेन को मजबूत करने के उपाय सुझाएगी. 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपनी होगी. नासिक समेत कई क्षेत्रों के किसान इससे राहत की उम्मीद कर रहे हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 10 Jun, 2026 | 12:06 PM

Maharashtra Onion Farmers: महाराष्ट्र के प्याज किसानों के लिए राहत भरी खबर है. राज्य सरकार ने प्याज की गिरती कीमतों से परेशान किसानों को राहत देने और प्याज क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए एक विशेषज्ञ उप-समिति ( एक्सपर्ट पैनल ) का गठन किया है. यह समिति प्याज के दामों में लगातार आ रही गिरावट के कारणों की जांच करेगी और किसानों के हित में तात्कालिक तथा दीर्घकालिक उपाय सुझाएगी.

यह उप-समिति सहकारिता, विपणन और वस्त्र विभाग द्वारा अप्रैल में गठित सचिव-स्तरीय समिति के तहत बनाई गई है. सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, समिति पिछले 7-8 वर्षों की केंद्र सरकार की प्याज निर्यात नीति  के प्रभाव का भी अध्ययन करेगी और प्याज की वैल्यू चेन को मजबूत बनाने के लिए सुझाव देगी.

प्याज क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल किया गया

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार की ओर से गठित विशेषज्ञ उप-समिति में कृषि, विपणन और प्याज क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है. समिति में डॉ. बाला साहेब सावंत कोंकण कृषि विद्यापीठ, दापोली के पूर्व कुलपति डॉ. किसानराव लावंडे, विपणन विभाग के पूर्व निदेशक सुनील पवार, इंडो वेजिटेबल्स डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सारंग निर्मल, उद्यमी नरेंद्र पवार और महाराष्ट्र के विपणन निदेशक शरद जरे शामिल हैं. शरद जरे समिति के सदस्य सचिव होंगे.

समिति का क्या है काम

समिति कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा विकसित बेहतर और उन्नत प्याज किस्मों को किसानों और बाजार व्यवस्था से जोड़ने के उपायों पर रिपोर्ट तैयार करेगी. साथ ही प्याज की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट के कारणों का भी अध्ययन करेगी. इसके अलावा, उच्च तापमान में प्याज भंडारण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और इससे जुड़ी लागत का आकलन करने की जिम्मेदारी भी समिति को सौंपी गई है.

संभावनाओं का भी अध्ययन करेगी समिति

समिति प्याज से बनने वाले अन्य उत्पादों और उनके व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं का भी अध्ययन करेगी, ताकि किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें. वहीं, पिछले 7-8 वर्षों में केंद्र सरकार की प्याज निर्यात नीति का बाजार कीमतों पर क्या असर पड़ा है, इसकी भी समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही समिति पुणे के राजगुरुनगर स्थित राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास फाउंडेशन (NHRDF) द्वारा विकसित प्याज भंडारण सुविधाओं का दौरा कर उनका अध्ययन करेगी.

15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी समिति

सरकार के आदेश के अनुसार, विशेषज्ञ उप-समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपनी होंगी. महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है. यहां प्याज की कीमतों में बार-बार होने वाले उतार-चढ़ाव से किसानों को लंबे समय से नुकसान उठाना पड़ रहा है. खासकर नासिक क्षेत्र के प्याज किसानों को कीमतों में गिरावट के कारण अक्सर आर्थिक संकट  का सामना करना पड़ता है.

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Published: 10 Jun, 2026 | 12:00 PM

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