4.85 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 3 हजार करोड़, 23 हजार अन्नदाताओं को नहीं मिला पैसा
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के किसानों के खाते में राज्य सरकार ने 3 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि ट्रांसफर कर दी है. राज्य सरकार की ओर से कहा कि गया है कि भुगतान प्रक्रिया तेजी से जारी है और सभी किसानों के खाते में राशि भेजी जा रही है.
Wheat Farmers Payment : मध्य प्रदेश के किसानों के गेहूं खरीद के बाद भुगतान प्रक्रिया तेज कर दी गई है. राज्य सरकार के खाद्य एवं रसद आपूर्ति विभाग की ओर से 4.85 लाख किसानों के खाते में भुगतान राशि भेज दी गई है. हालांकि, भुगतान और खरीद आंकड़ों को देखें तो 23 हजार किसान ऐसे हैं जिन्हें अभी गेहूं का पैसा नहीं मिला है. राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अगले 3-4 दिनों में उनके खातों में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी.
किसानों के खाते में पहुंचे 3 हजार करोड़ रुपये
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का खरीद कर ली गई है. हालांकि, भुगतान अभी तक लगभग 4.85 लाख किसानों के खाते में गेहूं भुगतान राशि के रूप में 3229.10 करोड़ रुपये भेज दिए गए हैं.
23 हजार किसानों को कब मिलेगा पैसा
सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 23 हजार किसान ऐसे हैं जिन्हें पैसा नहीं मिला है. जानकारों का कहना है कि इन किसानों के गेहूं का उठान अभी नहीं हुआ है, जिसके चलते बिल की प्रक्रिया चल रही है और यही वजह है कि भुगतान नहीं किया गया है. बता दें कि गेहूं बिक्री से लेकर उठान होने और बिल बनने की की प्रक्रिया में करीब 5 से 7 दिन का समय लग जाता है. इसके बाद ही किसानों के खाते में भुगतान राशि पहुंच पाती है.
सभी जिलों में बढ़ाए गए तौल कांटे
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते दिन 30 अप्रैल खरगोन जिले के कतरगांव में खरीद केंद्र का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है. अब किसान जिले के किसी भी खरीद केन्द्र पर उपज बिक्री कर सकते हैं. इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है. सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है.
खरीद मानकों में छूट लागू की गई
सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी बढ़ाकर 50 फीसदी कर दी है. जबकि, सिकुड़े दाने की सीमा 6 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी तक की गई है. क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 फीसदी तक की गई है. किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं करा दी गई है.
60 लाख मीट्रिक टन गेहूं बिक्री के लिए स्लॉट बुकिंग पूरी
राज्य सरकार ने पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया था. इस साल युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार की ओर से फैसला लेते हुए गेहूं का खरीद टारगेट बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं बिक्री के लिए 9.83 लाख किसानों की ओर से 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के बिक्री के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं.