महाराष्ट्र में बारिश से 5.12 लाख एकड़ फसल चौपट, सरकार ने आर्थिक मदद का किया ऐलान.. सर्वे का काम शुरू

नासिक जिले में ही करीब 1.54 लाख एकड़ फसल खराब हुई, जिससे प्याज, अंगूर, गेहूं और सब्जियों को बड़ा नुकसान हुआ. इसके बाद अहिल्या नगर में लगभग 87,777 एकड़, जलगांव में 83,480 एकड़ और धुले में 68,962 एकड़ फसल प्रभावित हुई है. कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने इस बड़े नुकसान पर चिंता जताई है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 7 Apr, 2026 | 12:01 PM

Maharashtra Weather Update: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से केवल उत्तर भारत के राज्यों में ही फसल की बर्बादी नहीं हुई है, बल्कि महाराष्ट्र में भी किसानों को नुकसान हुआ है. बीते मार्च महीने से रूक-रूक कर हो रही बारिश के चलते प्याज, गेहूं, मक्का, आम और अंगूर सहित हरी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है. कहा जा रहा है कि 29 जिलों में सबसे अधिक फसल नुकसान हुआ है. इन जिलों में करीब 5.12 लाख एकड़ फसल चौपट हो गई है. कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा है कि प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद दी जाएगी.

महाराष्ट्र के बड़े किसान नेता और शेतकरी संगठन के अध्यक्ष अनिल सिंह धनवत ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि प्याज किसानों के ऊपर डबल मार पड़ी है. एक तो मंडी में प्याज का रेट काफी कम हो गया है. ऊपर से अब बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में लगी प्याज की फसल भी चौपट हो गई है. ऐसे में किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है.

मंडी में प्याज का रेट

अनिल सिंह धनवत ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि बेमौसम बारिश से केवल प्याज ही नहीं बागवानी किसानों  को भी हानि हुई है. इसलिए सरकार को फसल नुकसान का सर्वे कराकर तुरंत मुआवजा राशि जारी करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अभी मंडियों में प्याज का रेट 300 रुपये से 900 रुपये क्विंटल बिक रहा है. इससे किसानों को नुकसान हो रहा है. अब बेमौसम बारिश ने भी प्याज की फसल बर्बाद कर दी, जिससे किसान कर्ड में डूब गए हैं. क्योंकि कई किसानों ने कर्ज लेकर प्याज की खेती की थी.

29 जिलों में सबसे अधिक नुकसान

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बेमौसम बारिश ने महाराष्ट्र के 29 जिलों में सबसे अधिक फसल नुकसान पहुंचाया है. इन जिलों में करीब 5.12 लाख एकड़  फसल प्रभावित हुई है. नुकसान दो चरणों में हुआ. मार्च में करीब 3.07 लाख एकड़ फसल  खराब हुई, जबकि अप्रैल के पहले हफ्ते में हुई नई बारिश से लगभग 2.05 लाख एकड़ फसल और प्रभावित हो गई. कई तरह की फसलें इस नुकसान की चपेट में आई हैं, जिनमें केला, गेहूं, मक्का, आम, ज्वार, तरबूज, प्याज, अंगूर और अलग-अलग सब्जियां शामिल हैं.

करीब 1.54 लाख एकड़ फसल खराब हुई

सबसे ज्यादा असर उत्तर महाराष्ट्र में देखा गया है. नासिक जिले में ही करीब 1.54 लाख एकड़ फसल खराब हुई, जिससे प्याज, अंगूर, गेहूं और सब्जियों  को बड़ा नुकसान हुआ. इसके बाद अहिल्या नगर में लगभग 87,777 एकड़, जलगांव में 83,480 एकड़ और धुले में 68,962 एकड़ फसल प्रभावित हुई है. वहीं मराठवाड़ा क्षेत्र में छत्रपति संभाजी नगर में करीब 43,035 एकड़ फसल का नुकसान दर्ज किया गया है.

कृषि विकास दर में गिरावट

यह नुकसान ऐसे समय में हुआ है जब कृषि क्षेत्र की रफ्तार पहले से ही धीमी पड़ रही है. राज्य के आर्थिक सर्वे के अनुसार, महाराष्ट्र की कृषि विकास दर 2024-25 में 9.1 फीसदी से घटकर 2025-26 में सिर्फ 3.4 फीसदी रह गई है, जिसकी बड़ी वजह खराब मौसम और बार-बार आने वाली जलवायु से जुड़ी आपदाएं हैं. इससे पहले खरीफ सीजन में बाढ़ और भारी बारिश ने करीब 65 लाख हेक्टेयर फसलों को बर्बाद कर दिया था, जिससे लगभग 30 लाख किसान प्रभावित हुए और राज्य सरकार पर 31,628 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का बोझ पड़ा.

क्या बोले कृषि मंत्री दत्तात्रेय

कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने इस बड़े नुकसान पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश  से राज्य के 29 जिलों में करीब 5.12 लाख एकड़ फसल खराब हुई है, जो एक चिंताजनक स्थिति है. हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है. नुकसान का तुरंत आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं और प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद दी जाएगी.

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Published: 7 Apr, 2026 | 11:59 AM
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