गेहूं फसल नुकसान पर 50 हजार रुपये एकड़ मिलेगा मुआवजा? बारिश-आंधी में किसानों को भारी नुकसान
Wheat crop Loss: पंजाब के किसान नेता बलवंत सिंह नडाली ने बताया कि बेमौसम बरसात से दक्षिण-पश्चिम पंजाब के मालवा बेल्ट में सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने बताया कि बठिंडा, मानसा समेत कई जिलों में फसलों को नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि कई इलाकों में 45 से 50 फीसदी फसलें प्रभावित हुई हैं.
दो दिनों से रुक-रुककर तेज बारिश और आंधी के चलते फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. पंजाब में गेहूं की पककर तैयार फसल तबाह होने से किसानों पर आर्थिक संकट गहरा गया है. किसानों ने प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा राशि देने की सरकार से मांग की है. किसानों की मांग को प्रमुख विपक्षी राजनीतिक दलों का भी साथ मिला है. पंजाब के किसान नेता बलवंत सिंह नडाली ने किसान इंडिया को बताया कि राज्य में बड़े पैमाने पर गेहूं की फसल बर्बाद हुई है. उन्होंने कहा कि कई हिस्सों में 45 फीसदी तक फसल चौपट हुई है.
मालवा बेल्ट में फसल को 50 फीसदी तक नुकसान
फरवरी के बाद मार्च और अब अप्रैल में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बेमौसम आंधी-बारिश हो रही है. पंजाब में भी तेज बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है. पंजाब के किसान नेता बलवंत सिंह नडाली ने बताया कि बेमौसम बरसात से दक्षिण-पश्चिम पंजाब के मालवा बेल्ट में सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने बताया कि
बठिंडा (Bathinda), मानसा (Mansa) फाजिल्का (Fazilka), श्रीमुक्तसर साहिब (Muktsar) और बरनाला (Barnala) में भी फसलों को नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि कई इलाकों में 45 से 50 फीसदी फसलें प्रभावित हुई हैं.
मुआवजा के लिए तुरंत सर्वे शुरू करे सरकार
किसान नेता ने बताया कि इन इलाकों में जब फसल पकने की प्रक्रिया में थी तब बारिश और आंधी आने से हजारों हेक्टेयर में गेहूं की 30 फीसदी फसल खेत में गिर (lodging) गई. अब बीते दो तीन दिनों से आंधी के साथ ही बूंदाबांदी और तेज बारिश ने पककर तैयार गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने बताया कि इन फसलों के नुकसान से किसानों को आर्थिक चोट पहुंची है. नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे प्रक्रिया सरकार शुरू करे और 50 हजार रुपये से अधिक प्रति एकड़ किसानों को मुआवजा का भुगतान किया जाए. बता दें कि पहले तक राज्य सरकार 20 हजार रुपये प्रति एकड़ तक फसल नुकसान का मुआवजा देती रही है.
50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मांग की कि पंजाब सरकार मालवा क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान के लिए प्रति एकड़ 50,000 रुपये का मुआवजा जारी करे. पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से बठिंडा, मानसा, फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है. “किसान संकट में हैं. मुझे पूरे राज्य से फोन आ रहे हैं, जिसमें किसान कह रहे हैं कि पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ में उनकी धान की फसल को हुए नुकसान के लिए उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला.
अपना चुनावी वादा पूरा करे आम आदमी पार्टी
उन्होंने कहा कि अब वे अपनी खड़ी गेहूं की फसल को हुए नुकसान के लिए फिर से मुआवजे की अपील कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने पिछले चार सालों में किसानों को कुछ भी नहीं दिया. उन्होंने आगे कहा, “अगर कुछ और नहीं, तो कम से कम उसे अपना एक चुनावी वादा तो पूरा करना चाहिए और किसानों को प्रति एकड़ 50,000 रुपये गेहूं किसानों को मुआवजा जारी करना चाहिए. उन्होंने कहा कि SAD गेहूं और धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ‘आढ़तियों’ (कमीशन एजेंटों) के लिए 2.5 प्रतिशत कमीशन की बहाली का समर्थन करता है. मंडियों में आढ़तियों के बढ़ते परिचालन खर्चों को पूरा करने के लिए यह बिल्कुल जरूरी है.