राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी राहत… MSP गेहूं खरीद में देरी खत्म, जानें कैसे मिलेगा 100 फीसदी खरीद का फायदा!

Rajasthan MSP wheat procurement: राजस्थान में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद 16 मार्च से शुरू होनी थी, लेकिन कुछ केंद्रों पर देरी हुई. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया. इस बार लक्ष्य दोगुना रखा गया है, सभी केंद्र सोमवार से चालू होंगे और खराब मौसम से प्रभावित गेहूं पर भी 100 फीसदी खरीद की गारंटी दी गई है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 5 Apr, 2026 | 10:40 AM

Wheat Procurement: राजस्थान के किसानों के लिए राहत की खबर है. समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद 16 मार्च से शुरू होने वाली थी, लेकिन दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद खरीद शुरू नहीं हो पाई थी. मंडियों में कम दाम मिलने के कारण किसान अपनी फसल सरकारी दर पर बेचना चाहते हैं. इस मुद्दे को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा सर्किट हाउस में एक बैठक की और सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

खरीद प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं पर चर्चा

बैठक में ओम बिरला ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीद के दौरान आने वाली परेशानियों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई. ऊर्जा मंत्री और विभाग के सेक्रेटरी मौके पर जाकर किसानों की समस्याओं को समझेंगे. इस बार राजस्थान में लक्ष्य से दोगुनी गेहूं की खरीद की योजना बनाई गई है. ओम बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारदाने की कोई कमी न आए और सभी केंद्र सोमवार से चालू किए जाएं.

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि रजिस्ट्रेशन करने वाले किसानों का 100 प्रतिशत गेहूं खरीदा जाए. फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) और अन्य एजेंसियों द्वारा इसे सुचारू रूप से लागू किया जाएगा.

खराब मौसम से प्रभावित गेहूं पर रियायत

बैठक में बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल को लेकर भी चर्चा हुई. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि मौसम के कारण गेहूं की गुणवत्ता और दाना छोटा हो गया है, लेकिन खरीद केंद्र पर किसी भी किसान का गेहूं रिजेक्ट नहीं होगा. लोकसभा अध्यक्ष ने फूड सेक्रेट्री से भी दिल्ली में बातचीत की और कहा कि हाड़ौती संभाग (कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़) में आ रही समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए. इस बार उत्पादन भी पहले से ज्यादा है और बाजार दर से सरकारी दर ज्यादा होने के कारण किसान को फायदा होगा.

खरीद केंद्रों की संख्या और क्षमता बढ़ाई गई

राजस्थान के खाद्य सचिव अमरीश कुमार ने बताया कि इस बार पिछले साल की तुलना में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ा कर 471 कर दी गई है, जबकि पिछली बार केवल 327 केंद्र थे. इस बार 144 केंद्र पहले ही चालू हो चुके हैं. बारदाने की कमी की समस्या का समाधान भी कर दिया गया है और अगले 24-48 घंटों में सभी केंद्रों में बारदाना उपलब्ध होगा. क्वालिटी के बिंदुओं पर भी भारत सरकार को सूचित किया गया है और आवश्यक रियायत दी जाएगी.

किसानों के लिए बड़ी राहत

इस बार राजस्थान सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीद में सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं. केंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है, बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और खराब मौसम से प्रभावित गेहूं पर रियायत दी जाएगी. राजस्थान में 21 लाख मीट्रिक टन से अधिक का लक्ष्य रखा गया है और जरूरत पड़ने पर इसे और भी बढ़ाया जा सकता है. इस कदम से किसानों को समय पर भुगतान और फसल बेचने में राहत मिलेगी.

इस प्रकार, राजस्थान के किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद अब अधिक सुविधाजनक और तेज़ हो गई है. सरकारी प्रयासों और अधिकारियों की सक्रियता से यह सुनिश्चित किया गया है कि किसान अपनी फसल पूरी कीमत पर बेच सकें.

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