Mustard price: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में आई तेजी का असर अब देश की स्थानीय मंडियों में भी साफ दिखाई देने लगा है. राजस्थान की खैरथल कृषि उपज मंडी में इन दिनों सरसों के दामों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है. पिछले करीब दस दिनों में सरसों के भाव 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गए हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों की नजर अब बाजार पर टिकी हुई है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंडी में इस समय सरसों का भाव 6150 रुपये से बढ़कर 7500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुका है. कुछ समय पहले यही सरसों 6000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी. व्यापारियों का कहना है कि पहले बाजार में नरमी आने से भाव गिरकर करीब 6150 रुपये तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात बदलते ही बाजार में अचानक तेजी लौट आई.
अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर खाद्य तेल बाजार पर पड़ रहा है. पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सनफ्लावर ऑयल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आने से भारत में भी खाद्य तेलों की मांग बढ़ गई है. कई देशों में बायोडीजल उत्पादन के लिए खाद्य तेलों का इस्तेमाल बढ़ने से वैश्विक बाजार में सप्लाई पर दबाव बढ़ा है. इसका सीधा फायदा अब सरसों के बाजार को मिल रहा है.
किसानों के लिए राहत भरा सीजन
इस बार सरसों का सीजन किसानों के लिए काफी हद तक फायदेमंद माना जा रहा है. लंबे समय बाद किसानों को अपनी फसल के अच्छे दाम मिल रहे हैं. जिन किसानों ने अभी तक अपनी उपज रोक रखी थी, उन्हें मौजूदा तेजी का फायदा मिल रहा है. हालांकि जिन किसानों ने कटाई के तुरंत बाद पैसों की जरूरत के कारण कम दाम में सरसों बेच दी थी, वे अब खुद को नुकसान में महसूस कर रहे हैं. कई किसान अब उम्मीद जता रहे हैं कि अगर बाजार में तेजी बनी रही तो आने वाले दिनों में उन्हें और बेहतर भाव मिल सकते हैं.
कम आवक और मजबूत मांग से बढ़ी तेजी
खैरथल कृषि उपज मंडी में इन दिनों सरसों की आवक सामान्य से कम बनी हुई है. दूसरी तरफ तेल मिलों और व्यापारियों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. यही वजह है कि बाजार में तेजी लगातार बनी हुई है. मंडी से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि पुराने स्टॉक लगभग खत्म हो चुके हैं और आयात भी प्रभावित हो रहा है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी बाजार को प्रभावित कर रही है.
8 हजार रुपये तक पहुंच सकते हैं भाव
पत्रिका की खबर के अनुसार, व्यापारियों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो सरसों के दाम आने वाले दिनों में 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकते हैं. खैरथल कृषि उपज मंडी समिति के सचिव राजेश कर्दम का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की तेजी का असर अब स्थानीय मंडियों में साफ दिखाई दे रहा है. कम आवक और मजबूत मांग के कारण सरसों के भाव लगातार मजबूत बने हुए हैं.
बढ़ सकती है महंगाई
विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य तेलों की लगातार बढ़ती कीमतें आने वाले समय में आम लोगों की रसोई का बजट भी बिगाड़ सकती हैं. अगर वैश्विक तनाव और आयात की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो खाद्य तेलों के साथ दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है.
फिलहाल सरसों बाजार में बनी तेजी ने किसानों और व्यापारियों के बीच नई उम्मीद जरूर पैदा कर दी है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए यह महंगाई की नई चिंता बनती दिखाई दे रही है.