बैंक कर्मियों का देशव्यापी बंद, 7000 शाखाओं में काम ठप, 5500 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित

Bank Employee Strike : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज देशभर में बैंक कर्मियों ने हड़ताल कर दी है. भोपाल समेत कई शहरों में विरोध मार्च निकाला गया है और बैंकिंग कामकाज ठप हो गया है.

नोएडा | Updated On: 11 Sep, 2026 | 12:48 PM

देशभर में खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बैंकिंग सेवाएं शुक्रवार को प्रभावित हुईं. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह तत्काल लागू करने और वेतन संबंधी लंबित मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. इसके चलते मध्यप्रदेश में लगभग 7,000 शाखाओं में काम ठप रहा जिससे करीब 5,500 करोड़ रुपये का दैनिक कारोबार प्रभावित हुआ.

देशव्यापी बंद से बैकिंग सेवाओं पर असर

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) में शामिल ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉईज एसोसिएशन (AIBEA) ने भोपाल में विरोध मार्च निकाला है और बैंकिंग कामकाज ठप कर दिया है. यह बंद देशव्यापी हड़ताल का हिस्सा है, जो 5-दिन के बैंकिंग सप्ताह को लागू करने में देरी, परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को लेकर मतभेदों और पेंशन से जुड़े मुद्दों सहित कई अन्य लंबित मांगों को लेकर की जा रही है.

7 हजार बैंक शाखाओं के 42 हजार कर्मचारी हड़ताल पर

मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन (एमपीबीईए) के चेयरमैन मोहनकृष्ण शुक्ला ने पीटीआई को बताया कि प्रदेश की कुल 8,707 बैंक शाखाओं में से लगभग 7,000 शाखाओं के करीब 42,000 कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए हैं. इनमें 12 सरकारी बैंकों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) और सहकारी बैंकों के कर्मचारी शामिल हैं.

आम लोगों के लिए प्रभावित हुईं ये  बैकिंग सेवाएं

उन्होंने कहा कि हड़ताल से बैंक शाखाओं में नकदी जमा करने और निकालने के साथ चेक निपटान, सावधि जमा (एफडी) योजनाओं का नवीनीकरण, सरकारी खजाने से जुड़े काम और अन्य आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं. शुक्ला के मुताबिक बैंक हड़ताल से प्रदेश में करीब 5,500 करोड़ रुपये के दैनिक कारोबार पर असर पड़ा है.

कर्मचारियों की मांगों में ये बिंदु शामिल

हड़ताल के दौरान राज्य भर में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए. बैंक कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों में पेंशन को अपडेट तथा उसमें सुधार किया जाना, सभी पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ते की एक समान गणना की व्यवस्था और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना अपनाने का विकल्प देना शामिल हैं.

Published: 11 Sep, 2026 | 12:42 PM

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