रिटेल में महंगा हो सकता है प्याज, नासिक की मंडियों में 40 फीसदी तक बढ़ीं होलसेल कीमतें

महाराष्ट्र के नासिक जिले की प्रमुख प्याज मंडियों में पिछले 12 दिनों में थोक भाव 20 से 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं. मांग बढ़ने, आपूर्ति घटने और श्रीलंका व खाड़ी देशों से निर्यात मांग मजबूत होने से कीमतों में तेजी आई है. हालांकि, किसानों को अभी भी उत्पादन लागत से कम दाम मिल रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 5 Jun, 2026 | 10:28 AM

Onion Mandi Rate: महाराष्ट्र के नासिक जिले की कृषि उपज मंडियों (APMC) में पिछले 12 दिनों के दौरान प्याज के थोक दामों में 20 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसकी मुख्य वजह बाजार में मांग का बढ़ना और आपूर्ति का अपेक्षाकृत कम होना बताया जा रहा है. देश की सबसे बड़ी थोक प्याज मंडी लासलगांव APMC में प्याज का औसत भाव 23 मई को 1,250 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 4 जून तक बढ़कर 1,500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया. यानी करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में रिटेल मार्केट में भी प्याज महंगा हो सकता है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, लासलगांव APMC में गुरुवार को प्याज का न्यूनतम भाव 700 रुपये और अधिकतम भाव 1,926 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. वहीं, मंडी में लगभग 14,300 क्विंटल प्याज की आवक हुई. व्यापारियों का कहना है कि मांग मजबूत रहने के कारण कीमतों में तेजी  बनी हुई है. नासिक जिले की प्रमुख प्याज मंडियों में शामिल पिंपलगांव APMC में भी प्याज के थोक भाव में पिछले 12 दिनों के दौरान करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 23 मई को जहां प्याज का औसत भाव 1,150 रुपये प्रति क्विंटल था, वहीं गुरुवार को यह बढ़कर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया.

मंडी में प्याज का न्यूनतम भाव

वहीं, पिंपलगांव APMC में गुरुवार को प्याज का न्यूनतम भाव 1,000 रुपये और अधिकतम भाव 2,400 रुपये प्रति क्विंटल रहा. इस दौरान करीब 30,900 क्विंटल प्याज की आवक दर्ज की गई. हालांकि, हाल की तेजी के बावजूद प्याज का औसत थोक भाव अभी भी उत्पादन लागत से कम है. किसानों के अनुसार प्याज की उत्पादन लागत करीब 1,800 रुपये प्रति क्विंटल पड़ती है, जिससे उन्हें अभी भी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है.

प्याज के दाम 250 रुपये बढ़ गए

मंडी अधिकारियों का कहना है कि बाजार में मांग अधिक और आपूर्ति अपेक्षाकृत कम होने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा, बेहतर गुणवत्ता वाले प्याज की आवक बढ़ने से किसानों को पहले की तुलना में बेहतर दाम मिल रहे हैं. व्यापारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में श्रीलंका और खाड़ी देशों से प्याज की मांग बढ़ी है, जिससे बाजार में कीमतों को समर्थन मिला है. बढ़ती निर्यात मांग के कारण विभिन्न मंडियों में प्याज के दाम 250 से 500 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गए हैं.

प्याज उत्पादन लागत 1,800 रुपये क्विंटल

हालांकि, महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भारत दिघोले का कहना है कि मौजूदा कीमतें अभी भी किसानों के लिए लाभकारी नहीं हैं. उनके अनुसार, प्याज की उत्पादन लागत  करीब 1,800 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि किसानों को इससे कम दाम मिल रहे हैं. ऐसे में प्याज बेचने पर किसानों को अब भी नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसान संगठनों का कहना है कि हाल के दिनों में कीमतों में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन किसानों को उचित मुनाफा मिलने के लिए भाव में और बढ़ोतरी की जरूरत है.

Published: 5 Jun, 2026 | 10:23 AM

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