कृषि तकनीकों और नए एग्री बिजनेस पर रहेगा फोकस, बजट में लखपति दीदियां बनाने का टारगेट 5 करोड़ होगा

Budget Expectations 2026: सरकार ने लखपति दीदी लक्ष्य को 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ किया है, लेकिन इसे आगामी बजट में बढ़ाकर 5 करोड़ किया जा सकता है. क्योंकि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि की मजबूती के लिए महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 28 Jan, 2026 | 04:26 PM

खेती किसानों में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार का आगामी बजट में फोकस रहने वाला है. किसानों को डिजिटल तरीके से सभी सरकारी योजनाओं का लाभ देने के इरादे से फार्मर आईडी जेनरेट की जा रही हैं. इसके साथ ही खेती में तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल और इससे जुड़े उद्यमों के लिए अलग फंड जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है. वहीं, युवाओं को एग्रीकल्चर से जुड़े स्टार्टअप्स शुरू करने के लिए भी सरकार फंड की व्यवस्था बजट 2026 में कर सकती है.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए एफपीओ की मजबूती जरूरी

एग्रीकल्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Arya.ag के को-फ़ाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आनंद चंद्रा ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हमने देखा है कि माइक्रो वेयरहाउसिंग और साइंटिफिक स्टोरेज जैसे फार्म के पास का इंफ्रास्ट्रक्चर किसानों को मजबूरी में बिक्री से बचने और इनकम बढ़ाने में कैसे मदद कर है. फ़ार्मगेट पर समय पर और आसानी से मिलने वाले क्रेडिट ने ज्यादा किसानों, खासकर महिलाओं और युवाओं को अपनी उपज को रोककर रखने और बेहतर बाजारों तक पहुंचने में मदद की है. उन्होंने आगामी बजट को लेकर पहले से कृषि के विकास के लिए शुरू किए गए उपायों को सरकार जारी रखेगी. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां क्लाइमेट रेजिलिएंस बनाने के लिए डिसेंट्रलाइज़्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, समावेशी फाइनेंस और मजबूत FPO जरूरी हैं.

एग्रीटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम भी इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रहा है. ड्रोन, AI-बेस्ड क्वालिटी ग्रेडिंग और क्लाइमेट एडवाइज़री जैसी फार्म लेवल टेक्नोलॉजी पर काम करने वाले स्टार्टअप कृषि कामों में सटीकता, पारदर्शिता और बड़े पैमाने पर काम ला रहे हैं. इन टूल्स को छोटे किसानों के लिए काम करने के लिए डिजाइन किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इनोवेशन खेती के लिए जरूरी है.

स्टार्टअप्स के लिए टर्म लोन की व्यवस्था और मजबूत की जाए

भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट (BYST) की संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन ने कहा कि सरकार को आगामी बजट में सूक्ष्म उद्यमों और प्रथम बार उद्यमिता करने वालों के लिए खास योजनाएं लानी चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2025 में निवेश और टर्नओवर की सीमा बढ़ाई गई, क्रेडिट गारंटी कवर को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया. इसके साथ ही स्टार्टअप्स के लिए अधिक टर्म लोन की व्यवस्था की गई.

जीएसटी छूट सीमा को 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये

अब सूक्ष्म उद्यम 2.5 करोड़ रुपये तक निवेश और 10 करोड़ रुपये तक टर्नओवर कर सकते हैं तथा लघु उद्यम 25 करोड़ रुपये तक निवेश और 100 करोड़ रुपये तक टर्नओवर कर सकते हैं. सरकार को जीएसटी छूट सीमा को 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये करने पर विचार करना चाहिए, जिससे लगभग 99% छोटे व्यवसाय कठोर जीएसटी अनुपालन से मुक्त हो सकें. लाइसेंसिंग और अनुपालन के लिए एकल-खिड़की प्रणाली (सिंगल विंडो क्लीयरेंस) भी लागू की जानी चाहिए.

5 करोड़ लखपति दीदियां बनाने की दिशा में काम करना होगा

सरकार ने पहले ही लखपति दीदी लक्ष्य को 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) महिलाओं तक कर दिया है और वर्ष 2025 तक 1.48 करोड़ से अधिक महिलाएं सालाना 1 लाख रुपये से अधिक आय अर्जित कर रही हैं. यह महिलाओं में उद्यमिता क्षमता और प्रणाली की तैयारी को दर्शाता है. बजट 2026 में इस लक्ष्य को 2027 तक 5 करोड़ महिलाओं तक बढ़ाया जाना चाहिए. इस वर्ष के बजट को जमीनी स्तर पर लागू करने में हो रही देरी को दूर करने के उपाय करने होंगे.

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