Rice Export: सरकार ने बढ़ाया रिजर्व भाव, तीसरे हफ्ते भी चढ़े भारतीय चावल के निर्यात दाम
भारत से चावल के निर्यात भाव लगातार तीसरे सप्ताह बढ़े हैं. सरकार द्वारा OMSS के तहत रिजर्व कीमत बढ़ाने और कमजोर मॉनसून से धान की बुवाई धीमी रहने की आशंका ने कीमतों को सहारा दिया है. वहीं, बांग्लादेश में बाढ़, थाईलैंड में कमजोर मांग और वियतनाम में नई फसल की आवक से वैश्विक चावल बाजार पर भी असर दिख रहा है.
भारत से निर्यात होने वाले चावल की कीमतों में लगातार तीसरे हफ्ते भी बढ़ोतरी हुई है. सरकार ने ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत चावल का रिजर्व भाव बढ़ा दिया है. वहीं, कमजोर मॉनसून के कारण धान की बुवाई धीमी पड़ने की आशंका भी है. इन दोनों वजहों से चावल के निर्यात भाव में तेजी देखने को मिल रही है. ऐसे इस सप्ताह भारत के 5 फीसदी टूटे हुए उसना (Parboiled) चावल का निर्यात भाव बढ़कर 30,300 से 30,700 रुपये प्रति टन पहुंच गया, जबकि पिछले सप्ताह यह 29,900 से 30,300 रुपये प्रति टन प्रति टन था. वहीं, 5 फीसदी टूटे हुए सफेद चावल का भाव 30,400 से 30,700 रुपये प्रति टन रहा.
कोलकाता के एक चावल कारोबारी ने बिजनेसलाइन से कहा कि बाजार को उम्मीद थी कि सरकार OMSS के तहत चावल का रिजर्व मूल्य कम करेगी, लेकिन इसके उलट सरकार ने कीमत बढ़ा दी. इससे खुले बाजार में भी चावल के दाम बढ़ गए. वहीं, 10 जुलाई तक देश में धान की बुवाई 1.15 करोड़ हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल इसी अवधि के 1.26 करोड़ हेक्टेयर से कम है. कमजोर मॉनसून के कारण बुवाई की रफ्तार धीमी रहने से भी बाजार में कीमतों को समर्थन मिल रहा है.
28,610 हेक्टेयर फसल बाढ़ की चपेट में
बांग्लादेश में आई बाढ़ से खेती को बड़ा नुकसान हुआ है. 12 जिलों में करीब 28,610 हेक्टेयर फसल बाढ़ की चपेट में आ गई है. सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल और धान की नर्सरी को हुआ है. कृषि विस्तार विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि यह शुरुआती अनुमान है. बाढ़ का पानी उतरने के बाद ही फसलों के नुकसान की सही तस्वीर सामने आएगी.
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थाईलैंड में चावल का निर्यात भाव हुआ कम
वहीं, थाईलैंड के 5 फीसदी टूटे हुए चावल का निर्यात भाव घटकर 38,300 से 38,700 रुपये प्रति टन रह गया, जो पिछले सप्ताह 38,700 रुपये प्रति टन प्रति टन था. बैंकॉक के एक चावल कारोबारी ने कहा कि बाजार में खरीदारी फिलहाल सिर्फ जरूरत के हिसाब से हो रही है. इसके अलावा, फिलीपींस द्वारा थाईलैंड के 5 फीसदी टूटे हुए चावल के आयात पर अस्थायी रोक लगाए जाने से भी मांग कमजोर हुई है, जिसका असर कीमतों पर पड़ा है.
वियतनाम में चावल का रेट
वियतनाम में सूखे मौसम की धान की फसल बाजार में आने लगी है, जिससे चावल की आपूर्ति धीरे-धीरे बढ़ रही है. हालांकि, कारोबारी इस साल के आखिर में अल नीनो के असर से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका को लेकर सतर्क हैं. वियतनाम के 5 फीसदी टूटे हुए चावल का निर्यात भाव इस सप्ताह भी लगभग 38,300 रुपये से 38,700 रुपये प्रति पर स्थिर रहा. वहीं, हो ची मिन्ह सिटी के एक कारोबारी ने कहा कि खरीदार फिलहाल नई फसल की अधिक आवक का इंतजार कर रहे हैं, इसलिए बाजार में कारोबार धीमा है. वहीं, किसानों के अनुसार गर्मी से खरीफ (समर-टू-ऑटम) धान की कटाई जुलाई के आखिर से शुरू होकर अगस्त में अपने चरम पर पहुंचेगी.