स्पेशल चावल निर्यात नीति तैयार कर रही सरकार, एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा.. किसानों को होगा फायदा

तेलंगाना सरकार चावल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष निर्यात नीति लाने की तैयारी कर रही है. राज्य में सालाना 3 करोड़ टन चावल उत्पादन के मुकाबले खपत केवल 36 लाख टन है. सरकार का लक्ष्य निर्यात बढ़ाकर किसानों और राइस मिलर्स को नए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है.

नोएडा | Updated On: 30 Jun, 2026 | 08:39 AM

Rice Export Policy: देश के शीर्ष तीन चावल उत्पादक राज्यों में शामिल तेलंगाना अब चावल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष निर्यात नीति लाने की तैयारी कर रहा है. राज्य सरकार का मानना है कि इससे चावल मिलों और निर्यातकों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी. वहीं, नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी का कहना है कि विशेष चावल निर्यात नीति से चावल के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और राइस मिलर्स को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी.

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को हैदराबाद में ‘अनलॉकिंग मार्केट पोटेंशियल: एडवांसिंग फोर्टिफाइड राइस इन तेलंगाना एंड आंध्र प्रदेश’ सम्मेलन का आयोजन हुआ था. इसमें नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में हर साल करीब 3 करोड़ टन चावल का उत्पादन होता है. इसके मुकाबले राज्य में केवल 36 लाख टन चावल की खपत  होती है. यानी उत्पादन का बड़ा हिस्सा अधिशेष बच जाता है.

विशेष चावल निर्यात नीति तैयार कर रही सरकार

उन्होंने कहा कि सरकार एक विशेष चावल निर्यात नीति तैयार कर रही है और इसे जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना से फिलहाल फिलीपींस जैसे देशों को चावल का निर्यात शुरू हो चुका है. राज्य सरकार आगे भी चावल मिलिंग उद्योग को हरसंभव सहयोग देगी, ताकि निर्यात बढ़े और किसानों व उद्योग दोनों को फायदा मिल सके.

फिलीपींस को चावल निर्यात कर रहा तेलंगाना

मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना से चावल का निर्यात पहले ही शुरू हो चुका है और फिलीपींस जैसे देशों को चावल भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगे भी चावल मिलिंग उद्योग  को पूरा सहयोग देगी, ताकि उद्योग अपने कारोबार का विस्तार कर सके और नए घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बना सके. सरकार का लक्ष्य चावल निर्यात बढ़ाकर किसानों और राइस मिलर्स दोनों को अधिक लाभ पहुंचाना हैं.

विटामिन और खनिजों की कमी को दूर किया जा सकता है

हैदराबाद में आयोजित यह कार्यक्रम मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन और केसीपी न्यूट्रिशियस प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से आयोजित किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फोर्टिफाइड (पोषक तत्वों से समृद्ध) खाद्यान्नों के महत्व और लोगों तक बेहतर पोषण पहुंचाने में उनकी भूमिका पर चर्चा करना था. कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि फोर्टिफाइड चावल और अन्य खाद्य पदार्थों के जरिए शरीर में जरूरी विटामिन और खनिजों की कमी को दूर किया जा सकता है. इससे लोगों को रोजमर्रा के भोजन के माध्यम से बेहतर पोषण मिल सकता है.

खाद्य पदार्थों की पहुंच बढ़ाने पर हो रहा काम

मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन एशिया के कार्यक्रम प्रमुख और टेक्नोसर्व के वरिष्ठ अधिकारी मनोजीत इंद्रा ने कहा कि खाद्य पदार्थों  का फोर्टिफिकेशन पोषण सुधारने का एक व्यावहारिक और प्रभावी तरीका है, क्योंकि यह उन खाद्य पदार्थों पर आधारित है जिन्हें लोग रोजाना खाते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी संस्था उद्योग से जुड़े भागीदारों के साथ मिलकर फोर्टिफिकेशन की गुणवत्ता बेहतर बनाने और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों की पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इस पहल से लोगों को अधिक पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा और कुपोषण तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी.

Published: 30 Jun, 2026 | 08:35 AM

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