रामायण काल से जुड़ी है संजीवनी पौधे की कहानी, पानी मिलते ही हो जाता है हरा-भरा, जानें इसके फायदे

पानी में डालते ही सूखा दिखने वाला यह अनोखा पौधा कुछ ही देर में फिर से हरा-भरा हो जाता है. घर की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर यह पौधा लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसे संजीवनी पौधा कहा जाता है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद और पौराणिक कथाओं में भी मिलता है.

किसान इंडिया डेस्क
नोएडा | Published: 12 Mar, 2026 | 10:30 PM

Home Gardening: पानी में डालते ही सूखा दिखने वाला यह अनोखा पौधा कुछ ही देर में फिर से हरा-भरा हो जाता है. घर की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर यह पौधा लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसे संजीवनी पौधा कहा जाता है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद और पौराणिक कथाओं में भी मिलता है.

हम अपने घरों में कई तरह के फूल और शो प्लांट लगाते हैं, लेकिन कुछ पौधे ऐसे भी होते हैं जो सुंदरता के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद उपयोगी होते हैं. आज हम आपको ऐसे ही एक खास पौधे से रुबरु कराने जा रहे हैं, जो सूखा दिखाई देने के बावजूद पानी में डालते ही फिर से हरा-भरा हो जाता है. यह पौधा न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि आयुर्वेदिक गुणों से भी भरपूर माना जाता है. यह संजीवनी पौधा आयुर्वेद और पौराणिक कथाओं में एक महत्वपूर्ण पौधा माना जाता है. यह मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है, लेकिन अब इसे पानी में रखकर शो प्लांट के रूप में भी बेचा जा रहा है. प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू समेत कई इलाकों में लोग इस पौधे को बेचते नजर आते हैं. पर्यटक इसे यादगार के तौर पर खरीदकर ले जाते हैं और अपने घरों में सजाते हैं. यही पौधा रामायण काल का प्रसिद्ध संजीवनी पौधा भी माना जाता है.

रामायण काल से जुड़ी जीवनरक्षक कथा

आयुर्वेद चिकित्सक के अनुसार, संजीवनी पौधे का उल्लेख रामायण काल में भी मिलता है.उन्होंने बताया कि यह पौधा मुख्य रूप से हिमालय क्षेत्र में पाया जाता है, लेकिन अरावली के पहाड़ी इलाकों में भी इसे देखा गया है. रामायण के अनुसार, रावण से युद्ध के दौरान जब लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे, तब लंका के वैद्य ने उनके उपचार के लिए हिमालय से संजीवनी बूटी लाने की सलाह दी थी. हनुमान इस जड़ी-बूटी को लाकर लक्ष्मण की जान बचाने में सफल हुए थे.तभी से इस पौधे को जीवनदायिनी औषधि के रूप में जाना जाता है. इसकी खासियत यह है कि सूखने के बाद भी पानी मिलने पर यह दोबारा हरा-भरा हो जाता है.

संजीवनी पौधे का लाभ

आयुर्वेद चिकित्सक ने बताया कि, संजीवनी पौधे में इम्युनिटी बढ़ाने, थकान दूर करने और बुखार में राहत देने जैसे गुण मौजूद होते हैं. इस जड़ी-बूटी का लेप लगाने से सूजन कम होती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है. यह जड़ी-बूटी लिवर के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है और लिवर को डिटॉक्स करने में सहायक होती है.हालांकि गंभीर रोगों में इसका उपयोग आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए.

सकारात्मक ऊर्जा का भी माना जाता है प्रतीक

औषधीय गुणों के साथ-साथ संजीवनी पौधे को लोग घरों में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ कार्यों के लिए भी रखते हैं. मान्यता है कि यह पौधा घर में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करता है.

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Published: 12 Mar, 2026 | 10:30 PM
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