बौखलाए ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का किया ऐलान, आदेश पर किए हस्ताक्षर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने सभी देशों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पहले लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद लिया गया है.

नई दिल्ली | Published: 21 Feb, 2026 | 08:30 AM

US Supreme Court tariff ruling: अमेरिका में टैरिफ को लेकर एक बार फिर सियासी और आर्थिक हलचल तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत नया कदम उठाया है. उन्होंने ऐलान किया है कि अब सभी देशों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाया जाएगा. ट्रंप ने साफ कहा कि वह धारा 122 के तहत नया कार्यकारी आदेश जारी कर रहे हैं, जिससे अमेरिका के व्यापारिक हितों की रक्षा की जा सके.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सख्त रुख

20 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए कई वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया था. अदालत का कहना था कि राष्ट्रीय आपातकाल कानून का उपयोग करके इतने व्यापक स्तर पर आयात शुल्क नहीं लगाया जा सकता. इस फैसले को ट्रंप की आर्थिक नीति के लिए बड़ा झटका माना गया.

हालांकि ट्रंप ने फैसले के तुरंत बाद अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि अदालत ने उनके तर्कों को सही ढंग से नहीं सुना और यह निर्णय अमेरिका के हित में नहीं है. उन्होंने इसे निराशाजनक बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि उनकी व्यापार नीति रुकने वाली नहीं है.

10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ का ऐलान

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने धारा 122 के तहत 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा की. यह नया शुल्क पहले से लागू सामान्य टैरिफ के ऊपर होगा. यानी जो देश पहले से कोई बेसलाइन टैरिफ दे रहे हैं, उन्हें अब अतिरिक्त 10 प्रतिशत और देना होगा.

ट्रंप ने कहा कि यह कदम अगले 150 दिनों के लिए लागू रहेगा. इस दौरान प्रशासन अन्य कानूनी विकल्पों और जांच प्रक्रियाओं पर भी काम करेगा. उन्होंने बताया कि धारा 301 समेत कई अन्य प्रावधानों के तहत भी जांच शुरू की जा रही है, ताकि उन देशों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके जिन पर अमेरिका के साथ अनुचित व्यापार करने का आरोप है.

आदेश पर किए हस्ताक्षर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने सभी देशों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पहले लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद लिया गया है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने ओवल ऑफिस से 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं और यह लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा. उन्होंने इसे अमेरिका के हित में उठाया गया कदम बताया.

“अमेरिका फर्स्ट” नीति पर कायम

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में दोहराया कि उनका लक्ष्य अमेरिका को फिर से आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. उनके अनुसार, टैरिफ अमेरिकी उद्योगों, फैक्ट्रियों और कामगारों की रक्षा का एक प्रभावी हथियार है. उन्होंने कहा कि यदि एक कानूनी रास्ता बंद होता है, तो उनके पास अन्य रास्ते भी मौजूद हैं.

ट्रंप का मानना है कि सख्त व्यापार नीति से अमेरिका को बेहतर सौदे मिलते हैं और दूसरे देशों पर दबाव बनता है. उन्होंने पहले भी कई बार कहा है कि टैरिफ के जरिए अमेरिका को मजबूत बनाया जा सकता है और व्यापार घाटा कम किया जा सकता है.

भारत सहित सभी देशों पर असर

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ भारत समेत सभी देशों पर लागू होगा. इसका मतलब है कि भारत के निर्यात पर पहले से जो शुल्क लग रहा है, उसके ऊपर यह नया शुल्क जोड़ा जाएगा. हालांकि यह व्यवस्था अस्थायी रूप से 150 दिनों के लिए बताई गई है, लेकिन आगे की रणनीति प्रशासन की समीक्षा पर निर्भर करेगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है. पहले से चल रहे व्यापार समझौतों और बातचीत पर भी इसका असर पड़ सकता है. कई देशों ने संकेत दिए हैं कि वे इस कदम पर अपनी प्रतिक्रिया तय करेंगे.

वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप की नई घोषणा के बाद अमेरिकी राजनीति में बहस तेज हो गई है. विपक्ष इसे आर्थिक जोखिम बता रहा है, जबकि ट्रंप समर्थक इसे मजबूत नेतृत्व का उदाहरण मान रहे हैं. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह नया टैरिफ कितना प्रभावी रहता है और क्या इसे भी कानूनी चुनौती मिलती है.

फिलहाल इतना तय है कि अमेरिका की व्यापार नीति एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गई है और दुनिया की नजरें वॉशिंगटन पर टिकी हुई हैं.

 

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