हल्दी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! 10 दिन में 50 रुपये किलो महंगी.. आगे और बढ़ सकते हैं दाम
देश में हल्दी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. इरोड बाजार में 10 दिनों में भाव 160 रुपये से बढ़कर 210 रुपये प्रति किलो हो गया. कम बारिश, सीमित सप्लाई, अल नीनो की आशंका और नई फसल पर खतरे के कारण बाजार में तेजी बनी हुई है. कारोबारियों का कहना है कि कीमतें अभी ऊंची रह सकती हैं.
Turmeric Price Hike: देश में हल्दी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं. बाजार में सीमित सप्लाई और अल नीनो की आशंका के बीच नई फसल को लेकर चिंता बढ़ने से दाम तेजी से बढ़े हैं. कारोबारियों का कहना है कि जून में कमजोर मॉनसून और मौजूदा बुवाई पर मौसम के खतरे ने बाजार का रुख बदल दिया है. तमिलनाडु के प्रमुख हल्दी बाजार इरोड में हल्दी का भाव महज 10 दिनों में 160 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 210 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है. फ्यूचर्स मार्केट में भी कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है.
इरोड स्थित अमर अग्रवाल फूड्स इंडिया लिमिटेड के निदेशक अंकित अग्रवाल ने बिजनेसलाइन से कहा कि जून में सामान्य से कम बारिश होने के कारण बाजार में तेजी आई. वहीं, अल नीनो के असर से इस समय बोई जा रही नई हल्दी की फसल पर भी जोखिम बढ़ गया है. यही वजह है कि व्यापारी और खरीदार आगे की सप्लाई को लेकर सतर्क हैं. उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश सामान्य नहीं हुई और नई फसल प्रभावित हुई, तो हल्दी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है.
इरोड एपीएमसी में हल्दी का ताजा भाव
देश में हल्दी की कीमतों में इन दिनों तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. तमिलनाडु के इरोड एपीएमसी में हल्दी का भाव कुछ ही दिनों में 160 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 200 रुपये प्रति किलो पहुंच गया था. हालांकि, बाद में कीमतें घटकर 170 रुपये प्रति किलो पर आ गईं. इरोड हल्दी व्यापारी संघ के अध्यक्ष आरकेवी रविशंकर ने कहा कि कीमतों में तेजी की एक वजह सट्टेबाजी भी रही, लेकिन मुख्य कारण कम बारिश और अगली फसल पर मंडरा रहा खतरा है. उन्होंने कहा कि पिछले 3-4 वर्षों से बचा हुआ स्टॉक (कैरी फॉरवर्ड स्टॉक) भी अब काफी कम रह गया है, जिससे बाजार में सप्लाई का दबाव बढ़ गया है.
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NCDEX पर 20,518 रुपये क्विंटल हल्दी
कारोबारियों के मुताबिक, यदि आने वाले दिनों में मॉनसून सामान्य नहीं रहा और नई फसल प्रभावित हुई, तो हल्दी की कीमतों में फिर से तेजी आ सकती है. वहीं, अच्छी बारिश होने पर बाजार में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. मंगलवार को एनसीडीईएक्स (NCDEX) पर अगस्त डिलीवरी वाले हल्दी वायदा (फ्यूचर्स) का भाव 20,518 रुपये प्रति क्विंटल रहा. वहीं, स्पॉट मार्केट में निजामाबाद में हल्दी का भाव 19,989 रुपये प्रति क्विंटल और राजापुरा में 22,070 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.
नई फसल को लेकर चिंता बनी हुई है
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कम बारिश के कारण हल्दी की नई फसल को लेकर चिंता बनी हुई है. अगर शुरुआती बढ़वार के दौरान सूखा बना रहा, तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है. इसी वजह से हल्दी की कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है. एग्रीवॉच के वरिष्ठ रिसर्च विश्लेषक बिप्लब शर्मा के मुताबिक, शुरुआती दौर में बारिश की कमी से फसल की पैदावार घटने की आशंका है, जिससे आने वाले समय में कीमतें और मजबूत रह सकती हैं.
केवल 15 से 20 लाख बैग का स्टॉक बचा
इरोड के कारोबारी अंकित अग्रवाल ने बताया कि इस साल करीब 95 लाख बैग (प्रत्येक 50 किलो) हल्दी का उत्पादन हुआ है. लेकिन घरेलू खपत के साथ निर्यात मांग को जोड़ दें तो करीब 110 लाख बैग की जरूरत होगी. पिछले सीजन का केवल 15 से 20 लाख बैग का स्टॉक बचा है. ऐसे में यदि अल नीनो के कारण बारिश कम हुई और नई फसल प्रभावित हुई, तो आने वाले महीनों में सप्लाई और तंग हो सकती है.
हल्दी का निर्यात अप्रैल के मुकाबले 26 फीसदी बढ़ा
निर्यात के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है. मई 2026 में हल्दी का निर्यात अप्रैल के मुकाबले 26 फीसदी बढ़ा, जबकि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इसमें मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि, जनवरी से मई 2026 के दौरान कुल निर्यात पिछले साल की तुलना में 6.69 फीसदी घटा, जिसकी बड़ी वजह ईरान युद्ध के कारण व्यापार में आई बाधाएं रहीं. अंकित अग्रवाल का कहना है कि अभी कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन नई फसल आने तक हल्दी का भाव फिर से 140-150 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंचने की संभावना नहीं है.