Onion Potential Rate: तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने छोटे प्याज उगाने वाले किसानों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है. विश्वविद्यालय के डोमेस्टिक एंड एक्सपोर्ट मार्केट इंटेलिजेंस सेल (DEMIC) के अनुसार, आगामी कटाई सीजन में अच्छी गुणवत्ता वाले छोटे प्याज का किसानों को 30 से 35 रुपये प्रति किलो तक दाम मिल सकता है. विश्वविद्यालय ने किसानों को बाजार के अनुमान को ध्यान में रखते हुए बुवाई की योजना बनाने की सलाह दी है.
TNAU ने कहा है कि यह अनुमान डिंडीगुल मंडी के पिछले 15 वर्षों के कीमतों के आंकड़ों और कृषि एवं ग्रामीण विकास अध्ययन केंद्र (CARDS) की ओर से किए गए बाजार सर्वे के आधार पर तैयार किया गया है. इससे किसानों को सही समय पर बुवाई और बेहतर बाजार योजना बनाने में मदद मिलेगी. भारत छोटे प्याज (शलोट) का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश है. इसकी खेती सबसे ज्यादा तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में होती है. अकेले तमिलनाडु में राज्य के कुल प्याज उत्पादन का करीब 80 फीसदी हिस्सा छोटे प्याज का होता है, इसलिए यह राज्य छोटे प्याज की खेती का प्रमुख केंद्र माना जाता है.
प्याज की खेती 0.44 लाख हेक्टेयर में की गई
वित्त वर्ष 2024-25 में तमिलनाडु में छोटे प्याज की खेती 0.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई. इस दौरान 5.28 लाख टन उत्पादन हुआ और औसत पैदावार 12 टन प्रति हेक्टेयर रही. राज्य में छोटे प्याज का सबसे ज्यादा उत्पादन डिंडीगुल, तिरुप्पुर, पेरम्बलूर, तिरुचिरापल्ली, नमक्कल, थेनी और मदुरै जिलों में होता है. ऐसे तमिलनाडु में घरेलू मांग का बड़ा हिस्सा राज्य के उत्पादन और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश से आने वाली आपूर्ति से पूरा होता है. इसके साथ ही यह राज्य छोटे प्याज का एक प्रमुख निर्यात केंद्र भी है. यहां से श्रीलंका, बांग्लादेश, मलेशिया और नेपाल जैसे देशों में छोटे प्याज का निर्यात किया जाता है.
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छोटे प्याज की विदेशों में मांग मजबूत
व्यापारियों के अनुसार, इस सीजन में छोटे प्याज की विदेशों में मांग मजबूत बनी हुई है. अनुमान है कि कुल उत्पादन का 5 से 10 फीसदी हिस्सा निर्यात किया जा रहा है. इस समय पेरम्बलूर, धारापुरम, पल्लादम, उदुमलपेट और कर्नाटक के कुछ इलाकों से छोटे प्याज की नई फसल बड़ी मात्रा में तिरुचिरापल्ली और डिंडीगुल की प्रमुख थोक मंडियों में पहुंच रही है. इसी को देखते हुए तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को सलाह दी है कि वे अगले सीजन की बुवाई की योजना बनाते समय संभावित बाजार भाव को ध्यान में रखें. विश्वविद्यालय का अनुमान है कि अच्छी गुणवत्ता वाले छोटे प्याज की कटाई के समय किसानों को 30 से 35 रुपये प्रति किलो तक कीमत मिल सकती है.