असम में बाढ़ के कहर से 57 हजार लोग प्रभावित, 4 हजार हेक्टेयर खेती पानी में डूबी, फसलें चौपट
Assam Flood Crisis: मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. राहत और बचाव कार्य तेज किया गया है, सेना और वायुसेना भी मदद कर रही है. चाय, जूट, बांस और धान फसल के साथ ही सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है.
असम में भयंकर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. 12 जिलों में बाढ़ के असर से करीब 1.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. सड़कें, पुल और मकान ध्वस्त हो गए हैं. लगभग 4 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं. सर्वाधिक नुकसान चाय किसानों के साथ जूट और बांस की खेती करने वालों को हुआ है. जबकि, धान और पारंपरिक सब्जी फसलें बाढ़ में बह गई हैं. हालात को काबू करने के लिए सेना को तैनात किया गया है.
बाढ़-भूस्खलन में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना और वायुसेना तैनात
असम में बाढ़ की स्थिति रविवार को और बिगड़ने के बीच एक व्यक्ति की इससे मौत हो गई, जबकि 7 जिलों में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 57,000 से अधिक हो गई है. जबकि, कुल 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और यहां के 1.5 लाख लोगों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया है. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोमवार को जानकारी दी है कि ऊपरी असम के कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारतीय सेना को तैनात किया गया है. जबकि, वायुसेना को भी राहत कार्यों में जुटाया गया है.
4 हजार हेक्टेयर फसलें तबाह, चाय-जूट और बांस को भारी नुकसान
बाढ़ की ताजा लहर से असम में करीब 3,874.84 हेक्टेयर लगभग 9,575 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न होकर नष्ट हो गई है. यह स्थिति ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने और कई तटबंधों के टूटने के कारण उत्पन्न हुई है. विभिन्न जिलों में आई बाढ़ के कारण लगातार फसल और संपत्ति का नुकसान हो रहा है. सबसे ज्यादा किसानों को नुकसान हुआ है. चाय बागान, जूट की फसल, बांस, धान और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
12 जिलों के गांवों में घुसा पानी, सड़क-पुल ध्वस्त
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार असम में आई बाढ़ की ताजा लहर से कुल 12 जिले गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं. यहां के गांवों में पानी घुसने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है. बाढ़ से प्रभावित मुख्य जिलों के नाम इस प्रकार हैं सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक शिवसागर जिला शामिल है. इसके अलावा जोरहाट, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, गोलाघाट, काछार (Cachar) आदि जिले बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं. इन जिलों के विभिन्न गांवों को मिलाकर करीब 1.70 लाख से अधिक लोग इस बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं.
I have asked all MPs and MLAs of the flood affected districts to be on ground and closely monitor the situation.
I am in constant touch with all the public representatives and have assured all possible assistance from Govt of Assam to deal with this situation.
As rains continue… pic.twitter.com/zDwZVCTAgd
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) July 20, 2026
राहत और बचाव कार्य में सरकार और सेना जुटी- सीएम
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. राहत और बचाव कार्य तेज किया गया है, सेना और वायुसेना भी मदद कर रही है. उनके मंत्रिमंडल के चार सहयोगी मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने मंत्रिमंडल के अपने 4 सहयोगियों को हाल में बाढ़ की चपेट में आए तीन जिलों में बचाव और राहत कार्यों की निगरानी के लिए तत्काल असम के ऊपरी क्षेत्रों में रवाना होने के निर्देश दिए हैं.