बिहार किसानों को बड़ी राहत! डीजल सिंचाई पर मिलेगा 75 रुपये प्रति लीटर अनुदान, आवेदन शुरू
बारिश की कमी से जूझ रहे बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. डीजल अनुदान योजना के तहत 75 रुपये प्रति लीटर की दर से सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलेगी. रैयत और गैर-रैयत दोनों किसान 30 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर लाभ उठा सकते हैं.
Bihar Diesel Subsidy Scheme 2026: बारिश की कमी या अनियमित मानसून के बीच बिहार सरकार ने खरीफ (शारदीय) फसलों की सिंचाई करने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है. बिहार कृषि विभाग ने डीजल अनुदान योजना के तहत 17 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं. इस योजना के तहत डीजल चालित पंपसेट से सिंचाई करने वाले किसानों को 75 रुपये प्रति लीटर की दर से अनुदान सीधे बैंक खाते में दिया जाएगा. योजना का लाभ रैयत और गैर-रैयत दोनों श्रेणी के किसानों को मिलेगा.
प्रति सिंचाई 750 रुपये, अधिकतम 8 एकड़ तक मिलेगा लाभ
बिहार कृषि विभाग के अनुसार, एक एकड़ खेत की एक सिंचाई के लिए 10 लीटर डीजल की मानक आवश्यकता तय की गई है. इसी आधार पर किसानों को 750 रुपये प्रति एकड़ प्रति सिंचाई का अनुदान मिलेगा. धान के बिचड़ा और जूट की फसल के लिए अधिकतम दो सिंचाई पर 1,500 रुपये प्रति एकड़, जबकि खड़ी फसल में धान, मक्का, दलहन, तिलहन, मौसमी सब्जियां, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के लिए अधिकतम तीन सिंचाई पर 2,250 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता दी जाएगी. एक किसान अधिकतम 8 एकड़ भूमि तक इस योजना का लाभ ले सकेगा.
किन किसानों को मिलेगा योजना का फायदा?
विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ वास्तविक खेती करने वाले किसानों को ही मिलेगा. रैयत किसानों के लिए आवेदन के समय लगान रसीद अपलोड करना अनिवार्य होगा. वहीं, गैर-रैयत यानी दूसरे की जमीन पर खेती करने वाले किसानों की पहचान वार्ड सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य या वार्ड पार्षद में से किसी एक जनप्रतिनिधि तथा कृषि समन्वयक द्वारा सत्यापित की जाएगी. सत्यापन के दौरान खेत पर किसान के साथ जियो-टैग फोटो भी अपलोड किया जाएगा ताकि वास्तविक जोतदार को ही अनुदान मिल सके.
आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
बिहार कृषि विभाग के अनुसार, किसान केवल अधिकृत पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल की डिजिटल पावती रसीद पर ही अनुदान प्राप्त कर सकेंगे. रसीद में किसान के 13 अंकों वाले पंजीकरण नंबर के अंतिम 10 अंक दर्ज होना चाहिए. यदि पेट्रोल पंप यह अंक नहीं लिखता है तो किसान स्वयं अंतिम 10 अंक लिखकर हस्ताक्षर करेंगे और उसी रसीद को आवेदन के साथ अपलोड करेंगे. सत्यापन के समय मूल रसीद कृषि समन्वयक को दिखाना अनिवार्य होगा. राज्य के बाहर स्थित पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल पर अनुदान नहीं मिलेगा.
30 अक्टूबर तक खरीदे डीजल पर मिलेगा अनुदान
कृषि विभाग ने बताया कि 30 अक्टूबर 2026 तक सिंचाई के लिए खरीदे गए डीजल पर ही यह योजना लागू होगी. किसान एक समय में केवल एक पटवन (सिंचाई) के लिए आवेदन कर सकेंगे और अगली सिंचाई के बाद आवेदन करना होगा. यदि छोटे-मोटे कारणों से आवेदन अस्वीकृत हो जाता है तो किसान दोबारा आवेदन भी कर सकते हैं. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे DBT in Agriculture पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं.