सिंचाई विभाग की लापरवाही से 350 एकड़ खेती को नहीं मिल रहा पानी, मंजूरी के बाद भी शुरू नहीं हुआ फग्गू रजवाहा

किसान नेता ने कहा कि किसानों को खेती करने में बहुत दिक्कतें हो रही हैं. सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाने से खेती पर खतरा गहराता जा रहा है और कृषि लागत भी बढ़ रही है. किसान सोमवार 19 जनवरी को सिंचाई विभाग व वन विभाग के अफसरों से मिलेंगे और फग्गू रजवाहा के पुनर्निर्माण की मांग करेंगे. अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 18 Jan, 2026 | 03:58 PM

सिंचाई विभाग की लापरवाही से कई गांवों की 350 एकड़ से ज्यादा फसल को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है. नाराज किसानों ने कहा कि फग्गू रजवाहा कई जगह से टूटा हुआ है, जिसकी वजह से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. किसान संगठन भारतीय किसान एकता ने सिंचाई और वन विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर रजवाहा की रिमॉडलिंग का काम फिर से शुरू करने की मांग की है. किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर काम शुरू नहीं हुआ तो जिम्मेदार अफसरों का घेराव किया जाएगा और कार्यालयों में धरना प्रदर्शन होगा.

भारतीय किसान एकता हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2018 में फग्गू रजवाहा के काम को पूरा करने की घोषणा की थी. लेकिन, आज 3 साल बीत रहे हैं और अब तक रजवाहा की रिमॉडलिंग का काम शुरू नहीं किया गया है. उन्होंने कहा सिंचाई विभाग और वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसानों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.

तीन गांवों की 350 एकड़ खेती पर खतरा

हरियाणा के सिरसा जिले के गांव फग्गू, रोहन और रोड़ी की करीब 350 एकड़ खेती को पानी मिलने का संकट खड़ा हो गया है. किसानों ने 42000 टेल, फग्गू रजवाहा के पुनर्निर्माण की मांग की है. बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि रविवार को गांव फग्गू में रोहन, रोड़ी और फग्गू के किसान इकट्ठ हुए. किसानों ने बताया कि पिछले कई सालों से 42000 टेल, फग्गू रजवाहा की हालत खस्ता होने की वजह से उन्हें सिंचाई के लिए प्राप्त पानी नहीं मिल पा रहा है.

सिंचाई संकट से कपास की खेती का रकबा घटा

किसानों ने कहा कि 42000 टेल फग्‍गू  रजवाहा की रिमॉडलिंग का निर्माण कार्य हरियाणा सरकार की ओर से वर्ष 2018-19 में होना निश्चित किया गया था, जो कि वर्तमान समय में बुरी तरह जगह-जगह टूटा हुआ है. इस वजह से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. बता दें कि सिंचाई संकट के चलते सिरसा समेत आसपास के कई जिलों में किसानों ने कपास का रकबा घटा दिया है.

7 साल से कई जगह से टूटा पड़ा है रजवाहा

फग्गू रजवाहा की रिमॉडलिग के लिए वन विभाग व सिंचाई विभाग सिरसा की ओर से कोई विशेष ध्‍यान नहीं दिया गया है. पिछले लगभग सात वर्षों से इस कार्य को पूरा करने के लिए दोनों विभागों की ओर से कोई रूचि नहीं दिखाने के कारण किसानों को फसल की पैदावार कम होने के कारण नुकसान सहना पड़ रहा है. 20 नवंबर  2025 को अतिरिक्‍त उपायुक्त की मीटिंग में दोनों विभागों को इस कार्य को जल्‍दी पूरा करके किसानों को राहत देने के आदेश दिये गये थे, लेकिन अभी तक इस पर जमीनी स्‍तर पर कोई कार्य नहीं किया गया है.

19 जनवरी को सिंचाई और वन विभाग के साथ बैठक

किसान नेता ने कहा कि किसानों को खेती करने में बहुत दिक्कतें हो रही हैं. सिंचाई के पानी नहीं मिल पाने से खेती की लागत बढ़ रही है, जबकि, मुनाफा कम हो रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों की मांग के बाद सोमवार 19 जनवरी को सिंचाई विभाग व वन विभाग से मिलकर इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाने की मांग रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि फग्गू रजवाहा के पुनर्निर्माण में सिंचाई विभाग की ओर से की जा रही देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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