Makhana Farming: किसानों की किस्मत बदल रही मखाना की खेती, सरकार दे रही 3.5 करोड़ तक सब्सिडी

Bihar Makhana Vikas Yojana 2026: बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए मखाना विकास योजना 2026-27 शुरू की है, जिसके तहत मखाना खेती को एक बड़े बिजनेस मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस योजना में किसानों को उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग तक आर्थिक सहायता दी जा रही है.

नोएडा | Published: 12 Apr, 2026 | 01:37 PM

Makhana Production: बिहार की पहचान बन चुका मखाना अब सिर्फ एक पारंपरिक फसल नहीं रहा, बल्कि यह किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बनता जा रहा है. बढ़ती घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग को देखते हुए बिहार सरकार ने मखाना विकास योजना 2026-27 शुरू की है, जिसका मकसद किसानों को सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रखना बल्कि उन्हें एक मजबूत बिजनेस मॉडल से जोड़ना है. इस योजना के जरिए किसान अब मखाना की खेती के साथ-साथ प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग करके कई गुना ज्यादा मुनाफा कमा सकेंगे.

मखाना क्यों बन रहा है इतना खास?

मखाना (Fox Nut) आज ‘सुपरफूड’ के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसके पीछे कई बड़े कारण हैं. बिहार पहले से ही दुनिया का लगभग 80-90 फीसदी मखाना उत्पादन करता है. हेल्थ कॉन्शियस लोगों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसे एक प्रीमियम हेल्थ स्नैक के रूप में देखा जा रहा है. कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली यह फसल किसानों के लिए एक शानदार विकल्प बन चुकी है.

योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

मखाना विकास योजना 2026 का असली लक्ष्य किसानों को सिर्फ खेती तक सीमित न रखकर उन्हें पूरी वैल्यू चेन से जोड़ना है. यानी किसान अब केवल मखाना उगाएंगे ही नहीं, बल्कि उसकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग भी कर सकेंगे. इससे वे सीधे बाजार और एक्सपोर्ट तक पहुंच बनाकर बेहतर कीमत प्राप्त कर सकेंगे.

उत्पादन और फॉर्म लेवल सहायता

सरकार इस योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता भी दे रही है.

प्रोसेसिंग यूनिट पर भारी सब्सिडी

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है प्रोसेसिंग यूनिट पर मिलने वाली बड़ी सब्सिडी:

इससे किसान अब कच्चा मखाना बेचने के बजाय प्रोसेस करके ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.

ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी मदद

सरकार किसानों को सिर्फ उत्पादन नहीं, बल्कि बाजार में पहचान दिलाने में भी मदद कर रही है.

इससे किसान अपने उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा सकेंगे.

बिक्री केंद्र और आय में बढ़ोतरी

किसान अपने गांव या शहर में मखाना बिक्री केंद्र भी खोल सकते हैं, जिसके लिए सरकार 10 लाख रुपये तक सहायता देती है. इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को सीधा फायदा मिलेगा. अनुमान है कि इस योजना से किसानों की आय 3 से 4 गुना तक बढ़ सकती है.

मखाना विकास योजना 2026 न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि बिहार को वैश्विक ‘सुपरफूड हब’ के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगी. यह योजना खेती को एक नए बिजनेस मॉडल में बदलने की दिशा में बड़ा कदम है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

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