किसान हितों के लिए जल सत्याग्रह का ऐलान, बीकेयू हल ने हजारों किसानों के जुटान का आह्वान किया

Farmers Jal Satyagraha : भारतीय किसान यूनियन हल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल तोमर ने जल सत्याग्रह का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि तहसीलों में किसानों और मजदूरों के कार्यों में भारी लापरवाही बरती जा रही है और सुनवाई नहीं हो रही है. किसान हितों के लिए उनका संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा.

नोएडा | Published: 6 Sep, 2026 | 07:43 PM

उत्तर प्रदेश में किसानों की समस्याओं को हल नहीं किए जाने के साथ ही सुनवाई नहीं होने से परेशान किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अब भाकियू हल ने बदायूं में जल सत्याग्रह आंदोलन का ऐलान किया है. संगठन के नेता अतुल तोमर ने कहा कि बदायूं जनपद की तहसीलों में किसानों और मजदूरों के कार्यों में भारी लापरवाही बरती जा रही है. अधिकारी मनमानी करते हैं और किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है. किसानों को न्याय दिलाने के लिए वह 9 सितंबर से जल सत्याग्रह शुरू करेंगे. उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं और किसानों को एकजुटे होने का आह्वान किया है.

कृषि कार्यों में भारी लापरवाही का आरोप

भारतीय किसान यूनियन हल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल तोमर ने हुंकार भरते हुए कहा कि बदायूं जनपद की तहसीलों में किसानों और मजदूरों के कार्यों में भारी लापरवाही बरती जा रही है. लेखपाल से लेकर राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों द्वारा आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी तहसीलों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि किसानों को छोटी से छोटी समस्याओं को हल कराने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है.

एक घंटे का काम महीनों तक लंबित किया जा रहा

अतुल तोमर ने बताया कि जिले में प्रशासन के ढीले रवैये के चलते जो कार्य एक घंटे या एक दिन में हो सकता है, उसे महीनों और वर्षों तक लंबित रखा जाता है. जनपद की विभिन्न तहसीलों में तमाम मामले लंबित पड़े हैं, लेकिन जिला प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन से संबंधित कार्यों को लटकाया जा रहा है. किसानों को तहसीलों और कार्यालयों के कई-कई चक्कर काटने पड़ते हैं.

7 सूत्रीय मांगों के लिए जल सत्याग्रह का ऐलान

राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल तोमर ने घोषणा करते हुए कहा कि किसानों की 7 सूत्रीय मांगों को लेकर दिनांक 9 सितंबर दिन बुधवार समय सुबह 11 बजे से वह बदायूं के कछला गंगा भागीरथी घाट पर जल सत्याग्रह करेंगे. इसमें जनपद के साथ ही दूसरे जनपदों से भी संगठन से जुड़े किसान और कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि किसान जल सत्याग्रह के बाद पैदलमार्च करते हुए जिला प्रशासन को 7 सूत्रीय मांगें पूरी कराने के लिए ज्ञापन सौपेंगे.

मांगें मानने के बाद ही खत्म होगा विरोध प्रदर्शन

उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए तथा लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जिलाधिकारी बदायूं की ओर से किसानों की मांगों पर ठोस और संतोषजनक आश्वासन मिलने के बाद ही जल सत्याग्रह समाप्त किया जाएगा. उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं और किसानों को एकजुटे होने का आह्वान किया है.

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