एक्शन में CM योगी, 24 घंटे के अंदर फसल नुकसान का होगा सर्वे.. किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा

Crop Survey: उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आगजनी से फसलों को हुए नुकसान पर सरकार तेजी से राहत देने की तैयारी में है. प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. लक्ष्य है कि किसानों को पारदर्शी तरीके से जल्द मुआवजा मिले और अगली खेती के लिए उनका भरोसा बना रहे.

नोएडा | Published: 11 Apr, 2026 | 01:13 PM

Crop Damage: उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आगजनी से रबी फसलों को हुए भारी नुकसान के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने प्रभावित जिलों में 24 घंटे के भीतर सर्वे शुरू कर मुआवजा प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं, ताकि गेहूं, सरसों और दलहनी फसलों से नुकसान झेल रहे किसानों को जल्द आर्थिक सहारा मिल सके. यह फैसला किसानों को मुश्किल समय में तुरंत राहत देने और अगली खेती के लिए उनका हौसला बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

24 घंटे में खेतों तक पहुंचेगी सर्वे टीम

उत्तर प्रदेश सरकार ने सबसे पहला फोकस तेजी से नुकसान का सही आकलन करने पर रखा है. सभी जिलों के डीएम, राजस्व, कृषि और संबंधित विभागों  को आदेश दिया गया है कि प्रभावित गांवों और खेतों में 24 घंटे के भीतर सर्वे शुरू करें. इसका मकसद यह है कि किसान को लंबे इंतजार में न रहना पड़े और जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार हो सके. जमीनी अधिकारियों से कहा गया है कि वे सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि खेत तक पहुंचकर खुद फसल की स्थिति देखें. गेहूं की गिरी बालियां, सरसों की झड़ी फलियां और दलहनी फसलों को हुए नुकसान का सही रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. यही रिपोर्ट आगे मुआवजे का आधार बनेगी.

मुआवजा प्रक्रिया होगी पारदर्शी

सरकार ने साफ किया है कि इस बार राहत प्रक्रिया में देरी और गड़बड़ी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी. अधिकारियों को कहा गया है कि पात्र किसानों, बटाईदारों और कृषक परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचे. फसल बीमा योजना के दावों को भी तेजी से निपटाने के लिए बीमा कंपनियों  के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. कोशिश यह है कि किसान को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें.
सरकार का फोकस सिर्फ पैसा देने पर नहीं, बल्कि विश्वास लौटाने पर भी है, ताकि किसान अगली फसल की तैयारी हिम्मत से कर सके.

आपदा राहत कोष और मंडी से तुरंत मदद

जहां नुकसान ज्यादा है, वहां जिलों को राज्य आपदा राहत कोष से तुरंत धनराशि जारी  करने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर राहत शिविर लगाने की तैयारी भी की जा रही है. इसके अलावा मंडी समितियों के जरिए भी प्रभावित किसानों को आर्थिक सहारा देने की योजना बनाई गई है. जिन किसानों की फसल कटकर मंडी पहुंचने से पहले ही खराब हो गई, उनके लिए यह मदद काफी राहत भरी हो सकती है. सरकार चाहती है कि किसान सिर्फ भरोसा न करे, बल्कि उसे जमीन पर तुरंत मदद दिखाई भी दे.

आग से हानि और पशुहानि पर भी विशेष राहत

कुछ जिलों में बारिश और तेज हवाओं  के बीच आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे किसानों को दोहरा नुकसान हुआ है. सरकार ने ऐसे मामलों में जनहानि, पशुहानि और घायल लोगों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि देने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही पात्र परिवारों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ भी जल्द दिलाने को कहा गया है. इससे उन परिवारों को सहारा मिलेगा, जिन पर प्राकृतिक आपदा के साथ अतिरिक्त संकट आ गया है.

Topics: