ड्रैगन फ्रूट की फसल पर फंगस का खतरा! सही समय पर करें बचाव, नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान
ड्रैगन फ्रूट की फसल में मौसम बदलते समय फंगस का खतरा बढ़ जाता है, जिससे भारी नुकसान हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार समय पर पहचान, फंगीसाइड का छिड़काव, संक्रमित हिस्सों की कटाई और सही सिंचाई से फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है. नियमित निगरानी ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है.
Dragon Fruit Farming: ड्रैगन फ्रूट की खेती आज कई किसानों के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन चुकी है. कम पानी में होने वाली यह फसल बाजार में अच्छे दाम देती है. लेकिन मौसम बदलते ही एक बड़ी समस्या सामने आ जाती है-फंगस. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह बीमारी पूरी फसल को खराब कर सकती है. NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, फंगस से डरने की जरूरत नहीं है, बस सही समय पर पहचान और इलाज जरूरी है. आसान उपाय अपनाकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं.
कब ज्यादा हमला करता है फंगस?
ड्रैगन फ्रूट में फंगस की समस्या खासतौर पर मौसम बदलने के समय बढ़ती है. फरवरी-मार्च में जब ठंड कम होकर गर्मी शुरू होती है, तब पहला हमला देखने को मिलता है. इसके बाद जून की तेज गर्मी और फिर अक्टूबर-नवंबर में बारिश के बाद फंगस दोबारा सक्रिय हो सकता है. इस दौरान किसानों को खेत में नियमित निगरानी रखनी चाहिए. अगर शुरुआत में ही लक्षण पकड़ लिए जाएं तो बड़ा नुकसान रोका जा सकता है.
फंगस के लक्षण कैसे पहचानें?
फंगस लगने पर पौधे की डंडी या शाखा पर काले या भूरे धब्बे दिखने लगते हैं. कुछ जगह नरम होकर सड़न भी शुरू हो सकती है. धीरे-धीरे यह धब्बे फैलने लगते हैं और पूरा पौधा कमजोर हो जाता है. अगर समय पर इलाज न हो, तो फल भी खराब हो सकते हैं. इसलिए जैसे ही ऐसे निशान दिखें, तुरंत कदम उठाना जरूरी है.
बचाव के आसान और कारगर उपाय
डॉ. मिश्रा के अनुसार, हल्की समस्या होने पर पौधा खुद भी संभल सकता है. लेकिन अगर फंगस ज्यादा फैल रहा है तो फंगीसाइड का छिड़काव करना जरूरी है.
- फंगीसाइड पाउडर को पानी में घोलकर स्प्रे करें.
- संक्रमित हिस्से को साफ चाकू या कटर से काटकर हटा दें.
- कटे हुए हिस्से को खेत से दूर फेंकें ताकि बीमारी न फैले.
इसके अलावा, तेज धूप से बचाने के लिए चाइना क्ले का स्प्रे किया जा सकता है. यह पौधे की सतह को ठंडा रखता है और फंगस के असर को कम करता है.
सिंचाई का सही तरीका भी है जरूरी
आमतौर पर ड्रैगन फ्रूट में ड्रिप सिंचाई की सलाह दी जाती है. लेकिन भीषण गर्मी में कभी-कभी खेत में हल्का पानी छोड़कर नमी बनाए रखना फायदेमंद होता है. बहुत ज्यादा पानी भी नुकसान कर सकता है, क्योंकि पानी जमा होने से फंगस बढ़ता है. इसलिए खेत में जल निकासी की व्यवस्था सही होनी चाहिए. छोटे किसान ग्रीन नेट लगाकर पौधों को सीधी धूप से बचा सकते हैं. इससे तापमान नियंत्रित रहता है और फंगस का खतरा कम होता है.
समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव
फंगस से बचने का सबसे आसान तरीका है-नियमित जांच. हफ्ते में कम से कम एक बार पौधों को ध्यान से देखें. अगर एक पौधे में बीमारी दिखे तो तुरंत इलाज करें, ताकि बाकी पौधे सुरक्षित रहें. खेत में साफ-सफाई भी जरूरी है. सूखी या सड़ी टहनियों को समय-समय पर हटाते रहें.