कपास किसानों को सरकार का तोहफा, 2000 रुपये प्रति एकड़ तक मिलेगी सब्सिडी.. जानें डिटेल

हरियाणा सरकार ने कपास किसानों को बड़ी राहत देते हुए माइक्रोन्यूट्रिएंट और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के लिए सब्सिडी देने का फैसला किया है. किसानों को लागत का 50 फीसदी या अधिकतम 2,000 रुपये प्रति एकड़ मिलेंगे. यह लाभ अधिकतम दो एकड़ तक मिलेगा. किसानों को 15 सितंबर तक खरीद के बिल कृषि विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने होंगे.

नोएडा | Updated On: 30 Aug, 2026 | 12:59 PM

हरियाणा सरकार ने कपास की पैदावार बढ़ाने और फसल को कीटों से बचाने के लिए किसानों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है. इसके तहत किसानों को सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) अपनाने के लिए सब्सिडी दी जाएगी. हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा है कि किसानों को इन कृषि इनपुट की लागत का 50 फीसदी या अधिकतम 2,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता मिलेगी. दोनों में से जो राशि कम होगी, उतनी ही सब्सिडी दी जाएगी. यह लाभ अधिकतम दो एकड़ जमीन के लिए मिलेगा.

सब्सिडी के लिए खरीद का बिल पोर्टल पर करना होगा अपलोड

मंत्री ने कहा कि किसानों को कृषि इनपुट केवल चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की सिफारिश के अनुसार ही खरीदने होंगे. किसान ये इनपुट अर्ध-सरकारी एजेंसियों, सहकारी समितियों या अधिकृत डीलरों से खरीद सकेंगे. सब्सिडी का लाभ  लेने के लिए किसानों को खरीदारी के बाद बिल कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा. इसके लिए किसान कृषि विभाग की वेबसाइट पर बिल जमा कर सकेंगे.

योजना से जुड़ी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर जारी

कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को सब्सिडी का लाभ लेने के लिए खरीद के बिल 15 सितंबर तक कृषि विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने होंगे. उन्होंने पात्र किसानों से तय समय सीमा के भीतर योजना का लाभ उठाने की अपील की है. योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा अपने जिले के कृषि उप निदेशक से भी जानकारी ली जा सकती है.

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कपास का रकबा 23.2 फीसदी घटा

बता दें कि उत्तर भारत में कपास की खेती का रकबा घट रहा है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में इस साल कपास की खेती का क्षेत्र काफी कम हुआ है. पिछले साल तीनों राज्यों में करीब 11.83 लाख हेक्टेयर जमीन पर कपास की खेती हुई थी. इस साल यह घटकर करीब 9.09 लाख हेक्टेयर रह गई है. यानी कपास का रकबा 2.74 लाख हेक्टेयर (23.2 फीसदी) कम हुआ है. यह करीब 6.77 लाख एकड़ के बराबर है. सबसे ज्यादा गिरावट पंजाब में दर्ज की गई है. राज्य में पिछले साल करीब 1.28 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती हुई थी, जो इस साल घटकर करीब 80 हजार हेक्टेयर रह गई है. यानी एक ही सीजन में कपास का रकबा करीब 48 हजार हेक्टेयर या 37.5 फीसदी घट गया है. यह पंजाब में अब तक का सबसे कम कपास रकबा है.

Published: 30 Aug, 2026 | 12:47 PM

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