बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी, लेट ब्लाइट रोग का बढ़ा खतरा.. टमाटर को ज्यादा नुकसान

टमाटर की अलग-अलग समय पर बुवाई होने के कारण फसल में लेट ब्लाइट रोग फैलने का खतरा बढ़ सकता है. जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है, वहां सब्जीफसलों को नुकसान हो सकता है. गेहूं की फसल  के लिए भी निगरानी जरूरी है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 23 Jan, 2026 | 11:38 AM

Punjab Rain: पंजाब के पटियाला में लगातार हो रही बारिश से इलाके के किसानों को राहत मिली है. इससे मिट्टी में नमी बढ़ी है और फसलों की हालत बेहतर हुई है. लेकिन बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने आलू और टमाटर उगाने वाले किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि फसल को नुकसान का डर है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अभी नुकसान का सही आकलन करना जल्दबाजी होगी और हालात पर नजर रखी जा रही है. कहा जा रहा है कि बारिश की वजह से टमाटर में लेट ब्लाइट रोग का खतरा बढ़ गया है.

उद्यान विभाग के डिप्टी डायरेक्टर संदीप सिंह ग्रेवाल के मुताबिक, बारिश  ज्यादातर फल फसलों के लिए फायदेमंद है, लेकिन आलू किसानों के लिए कुछ दिक्कतें आ सकती हैं. उन्होंने कहा कि मौसम की पहले से चेतावनी मिलने के कारण ज्यादातर आलू की खुदाई हो चुकी है. मौजूदा बारिश से फसल को नुकसान नहीं होगा, लेकिन खुदाई में देरी जरूर होगी. टमाटर की फसल अभी पौध की अवस्था में है, इसलिए उस पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, खासकर अगर टनल या ऊंची क्यारियों में खेती की गई हो. वहीं, गेहूं किसानों ने बारिश का स्वागत किया है, हालांकि विशेषज्ञों ने ज्यादा बारिश से नुकसान की संभावना से भी आगाह किया है.

तापमान में अचानक बढ़ोतरी गेहूं के लिए नुकसानदेह

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पटियाला के मुख्य कृषि अधिकारी जसविंदर सिंह ने कहा कि यह बारिश काफी समय से इंतजार की जा रही थी, क्योंकि दिसंबर और जनवरी के महीने लगभग सूखे रहे थे. उनके अनुसार इस समय हुई बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है. हाल ही में दिन के तापमान में अचानक बढ़ोतरी गेहूं के लिए नुकसानदेह  थी, लेकिन बारिश और तापमान में आई गिरावट से फसलों को जरूरी नमी मिलेगी और बढ़वार के लिए अनुकूल माहौल बनेगा.

टमाटर में लेट ब्लाइट रोग का बढ़ा खतरा

अन्य कृषि विशेषज्ञों ने बारिश और ओलावृष्टि को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि टमाटर की अलग-अलग समय पर बुवाई होने के कारण फसल में लेट ब्लाइट रोग फैलने का खतरा बढ़ सकता है. जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है, वहां सब्जीफसलों को नुकसान हो सकता है. गेहूं की फसल  के लिए भी निगरानी जरूरी है, क्योंकि बारिश के बाद येलो रस्ट रोग के मामले बढ़ सकते हैं.

दिल्ली में हल्की बारिश और बूंदाबांदी

वहीं, शुक्रवार सुबह दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कई इलाकों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई. दिल्ली और नोएडा के कुछ हिस्सों में थोड़ी देर तक बारिश हुई, जिससे ठंड का असर बना रहा और हवा की गुणवत्ता में भी मामूली सुधार देखा गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार सुबह 7.05 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 297 दर्ज किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में थोड़ा बेहतर है.

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Published: 23 Jan, 2026 | 11:37 AM

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