गेहूं में आ रही हैं बालियां तो खेत में जिंक सल्फेट के साथ डालें यूरिया का घोल.. चमकदार होंगे दाने
Wheat Farming: बूट बनने से पहले अगर फसल में पौधों को जिंक सल्फेट और यूरिया का घोल, नैनो डीएपी या नैनो एनपीके दिया जाए, तो पौधे मजबूत होते हैं. यह छिड़काव पौधों को बाली बनाने के लिए जरूरी पोषण देता है.
Wheat Farming: हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गेहूं की फसल अब बालियां निकलने की अवस्था में पहुंच गई हैं. इस समय फसल को अधिक पोषण की जरूरत होती है. इसलिए किसानों फसल की ज्यादा देखरेख करनी चाहिए. जरूरत के मुताबिक, सिंचाई और खाद का छिड़काव भी करें. इस फसल का विकास तेजी से होता है. ऐसे में गेहूं के दाने चमकदार और मोटे होते हैं. साथ ही पैदावार में भी बढ़ोतरी होती है.
कृषि एक्सपर्ट के मुताबिक, जैसे-जैसे गेहूं की फसल का विकास होता है, उसे और ज्यादा पोषण की जरूरत होती है. ऐसे भी गेहूं की फसल के लिए जनवरी और फरवरी का महीना खास होता है, क्योंकि इसी समय पौधों में बूट से बाली निकलती है. अगर किसान इस दौरान पौधों को सही पोषण देंगे, तो बाली मजबूत होगी, दाने स्वस्थ और चमकदार होंगे. ऐसे में उपज को मार्केट में अच्छी कीमत मिलेगी.
पौधों की बढ़वार और बाली की मजबूती कमजोर हो जाती है
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि कई किसान बुवाई के समय पौधों को पर्याप्त उर्वरक और पोषक तत्व नहीं दे पाते, जिससे पौधों की बढ़वार और बाली की मजबूती कमजोर हो जाती है. लेकिन बाली निकलने से पहले सही पोषक तत्वों का छिड़काव करने से किसान अपनी फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों बढ़ा सकते हैं. यह तरीका सिर्फ उत्पादन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि गेहूं को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए भी बहुत असरदार है.
15 दिन पहले ही पौधों को पोषण देना शुरू कर दें
जानकारों के मुताबिक, बूट बनने से पहले अगर फसल में पौधों को जिंक सल्फेट और यूरिया का घोल, नैनो डीएपी या नैनो एनपीके दिया जाए, तो पौधे मजबूत होते हैं. यह छिड़काव पौधों को बाली बनाने के लिए जरूरी पोषण देता है. सही समय पर छिड़काव करने से बाली अंदर से मजबूत होती है और दाने स्वस्थ, चमकदार और निरोगी बने रहते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि बाली निकलने से 15 दिन पहले ही पौधों को पोषण देना शुरू करना चाहिए और इसे 2-3 बार दोहराना चाहिए. अगर पौधों को समय पर पर्याप्त पोषण मिलेगा, तो बाली पूरी तरह विकसित होगी और उत्पादन बढ़ेगा.
पोषक तत्व डालने के फायदे
वहीं, अगर बाली पहले ही कमजोर है, तो बाद में पोषक तत्व डालने से फायदा कम मिलता है. इसलिए किसान को बाली निकलने से पहले ही पोषण सुनिश्चित करना चाहिए. सही पोषण और समय पर छिड़काव से गेहूं के दाने मजबूत, चमकदार और उच्च गुणवत्ता वाले बनते हैं. इससे उत्पादन बढ़ता है और फसल रोगमुक्त व पौष्टिक रहती है.