मूंगफली खेती के लिए बेस्ट है सिंचाई की ये तकनीक, किसानों का खर्च घटेगा

मूंगफली की खेती करने वाले किसानों को इसकी फसल की सिंचाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए. मूंगफली की फसल को मुख्यता 3 से 4 सिंचाई की जरूरत होती है.

अनामिका अस्थाना
नोएडा | Published: 30 Apr, 2025 | 05:19 PM

देश भर के किसान आज अच्छे मुनाफे के लिए पारंपरिक खेती को छोड़ व्यवसायिक खेती की तरफ अपना रुख कर रहे हैं. ऐसे में खरीफ सीजन में बोई जाने वाले फसलें किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती हैं. ऐसी ही एक फसल है मूंगफली . इस साल खरीफ सीजन की शुरुआत होने वाली है और यह समय मूंगफली की खेती के लिए बेस्ट माना जाता है. इस खरीफ सीजन किसान मूंगफली की खेती कर अच्छी पैदावार कर सकते हैं जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा भी होगा.

कैसे करें मूंगफली की खेती

मूंगफली की खेती के लिए आपको 2 से 3 बार खेत की गहराई से जुताई करनी होगा ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए. जुताई करने के बाद पाटे की मदद से खेत को एक बराबर कर लें. मूंगफली की बुवाई से पहले खेत में 4-5 टन की सड़ी हुई गोबर की खाद को प्रति एकड़ में डालें. खेत तैयार करने के बाद मूंगफली के बीजों को 3 से 4 सेमी गहराई पर बोएं. मूंगफली की फसल के लगाए गए पौधों के बीच में करीब 2 से 3 इंच की दूरी रखें. मूंगफली की खेती करने से पहले जरूरी है कि किसान मूंगफली की अच्छी किस्मों का चुनाव करें. ऐसा करने से किसान अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं.

चार चरणों में होती है फसल की सिंचाई

मूंगफली की खेती करने वाले किसानों को इसकी फसल की सिंचाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए. मूंगफली की फसल को मुख्यता 3 से 4 सिंचाई की जरूरत होती है.

पहली सिंचाई: पहली सिंचाई फसल की बुवाई के बाद की जाती है. बुवाई के बाद फसल को हल्की सिंचाई की जरूरत होती है.

दूसरी सिंचाई: मूंगफली की फसल लगाने के 30 से 35 दिन बाद फूल आने का समय हो जाता है. इसलिए दूसरी फूल आने के समय पर करनी चाहिए.

तीसरी सिंचाई: फसल लगाने के 40 से 50 दिनों के बाद गांठ बनने लगती है. इस समय फसल को तीसरी सिंचाई की जरूरत होती है. ध्यान रखने वाली बात यह है कि इस समय फसल की सिंचाई गहराई तक करनी चाहिए.

चौथी सिंचाई: एक बार जब मूंगफली की फसल में फली बनने लगती हैं तो जरूरी है कि उस समय मिट्टी में नमी पर्याप्त मात्रा में हो. इसलिए इस समय भी मिट्टी को नम रखने के लिए सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है.

सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर तकनीक है बेस्ट

मूंगफली की फसल को बढ़ने के लिए नमी की जरूरत होती है. इसलिए इसकी सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर तकनीक सबसे बेहतर मानी जाती है. इस तकनीक की मदद से फसलों की सिंचाई तो बेहतर तरह से होती ही है बल्कि इससे किसानों को भी फायदा होता है. स्प्रिंकलर सिंचाई करने से पानी की भी बचत होती है साथ ही इसकी लागत भी कम आती है.

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