गुस्से में शिवराज सिंह चौहान, ICAR के बहुत बड़े अधिकारी पर लिया एक्शन.. जारी होगा नोटिस
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुणे स्थित आईसीएआर के राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई. उन्होंने निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और आईसीएआर की 113 संस्थाओं के औचक निरीक्षण के आदेश दिए. मंत्री ने जवाबदेही और किसान हित में सुधार पर जोर दिया.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुणे स्थित आईसीएआर के राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई है. उन्होंने संस्था के निदेशक डॉ. कौशिक बनर्जी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो नियमों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने संस्थानों में निदेशक और वैज्ञानिकों की नियुक्ति प्रक्रिया की पूरी जानकारी मांगी, ताकि व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जा सकें.
शिवराज सिंह चौहान ने आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट को निर्देश दिया कि 8 से 10 सदस्यों की टीम बनाकर आईसीएआर की सभी 113 संस्थाओं का औचक निरीक्षण कराया जाए. उन्होंने कहा कि वे खुद भी अलग-अलग संस्थानों का निरीक्षण करेंगे. उनका कहना था कि निरीक्षण का मकसद सिर्फ कमियां निकालना नहीं, बल्कि संस्थानों को ज्यादा बेहतर और जवाबदेह बनाना है.
अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठ
दरअसल, शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में उन्होंने संस्थानों के कामकाज, जवाबदेही, गुणवत्ता और किसानों को बेहतर परिणाम देने पर जोर दिया. इस दौरान उन्होंने पुणे स्थित आईसीएआर के राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि 15 मई को औचक निरीक्षण के दौरान वहां के अधिकारियों के पास संस्थान से जुड़ी जरूरी जानकारी तक नहीं थी. मंत्री ने कहा कि पहले उन्हें फील्ड में जाने से रोका गया और कहा गया कि वहां अंगूर नहीं हैं, लेकिन मौके पर पहुंचने पर नर्सरी में घास उगी मिली.
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वे अंगूर की वैरायटी निजी नर्सरी से खरीदते हैं
शिवराज सिंह चौहान ने सवाल उठाया कि मजदूर नहीं मिलने का जवाब देना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि संस्थान के अधिकारी एक्सपोर्ट, बीमारियों से बचाव और नई वैरायटी विकसित करने जैसे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. मंत्री के मुताबिक संस्थान के अधिकारियों के पास कोई स्पष्ट विजन नजर नहीं आया और उनका प्रस्तुतिकरण भी बेहद कमजोर था. उन्होंने यह भी बताया कि कई किसानों ने शिकायत की कि वे अंगूर की वैरायटी निजी नर्सरी से खरीदते हैं, क्योंकि संस्थान की वैरायटी उनके ज्यादा काम नहीं आती.
अव्यवस्था बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी
बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने डीडीजी (बागवानी) डॉ. एस.के. सिंह से भी कड़े सवाल किए. उन्होंने पूछा कि डीडीजी होने के नाते वह संस्थानों की निगरानी कैसे कर रहे थे और आखिरी बार दौरे पर कब गए थे. मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि उनके अधीन आने वाले संस्थान सही तरीके से काम करें. उन्होंने साफ कहा कि सरकार किसानों और देश के हित में काम कर रही है, इसलिए लापरवाही और अव्यवस्था बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर संस्थान इस तरह काम करेंगे तो यह देश का नुकसान है. उन्होंने यह भी कहा कि निरीक्षण के दौरान जो स्थिति सामने आई, उससे वह बेहद निराश हैं और कई संस्थानों में तुरंत सुधार की जरूरत है.
निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश के कृषि अनुसंधान संस्थानों में किसानों के लिए उपयोगी रिसर्च, साफ कार्ययोजना, बेहतर बीज किस्मों का विकास, रोगों से बचाव और निर्यात बढ़ाने पर ठोस काम दिखना चाहिए. उन्होंने चिंता जताई कि अगर किसान निजी नर्सरियों से पौधे और सामग्री लेने को मजबूर हैं और संस्थानों की उपयोगिता पर सवाल उठा रहे हैं, तो यह गंभीर सोच का विषय है. उन्होंने कहा कि रिसर्च संस्थानों का काम सिर्फ औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि किसानों, खेती और बाजार की जरूरतों का समाधान देना होना चाहिए. बैठक में उन्होंने अधिकारियों से सीधे सवाल पूछते हुए निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया.