पंजाब-हरियाणा में बारिश की संभावना, मौसम विशेषज्ञ ने किसानों को दी सलाह.. जानें क्या करें और क्या नहीं करें?
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पाण्डेय ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते 21 मार्च को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हो सकती है. जबकि, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और बारिश की संभावना है. इससे रबी फसल को नुकसान पहुंच सकता है.
Weather Updated: रबी फसल की खेती करने वाले किसानों को इस हफ्ते तक सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव आने वाला है. इस दौरान ओलावृष्टि के साथ बारिश भी हो सकती है. ऐसे में गेहूं सहित तमाम कटने के लिए तैयार रबी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. दरअसल, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत में अगले तीन दिनों तक बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की संभावना जताई है. IMD ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के राज्यों में तेज हवाओं और तापमान में गिरावट की चेतावनी दी है. इस दौरान बारिश भी हो सकती है. ऐसे में मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पाण्डेय ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पाण्डेय ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों में गेहूं के दाने पक गए हैं. अगर ऐसे में हवा और ओलावृष्टि के साथ बारिश होती है तो गेहूं के साथ-साथ चना, मसूर और अन्य रबी फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है. खासकर ओलावृष्टि से चना और गेहूं के दाने झड़ सकते हैं. साथ ही फसल में नमी की मात्रा बढ़ जाएगी. ऐसे में पैदावार की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. उन्होंने कहा कि अगर बारिश होने की संभावना है तो किसान फसल की सिंचाई नहीं करें.
किसानों को क्या सलाह दे रहे हैं मौसम विशेषज्ञ
एसएन पाण्डेय ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते 20 मार्च तक उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हो सकती है. जबकि, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और बारिश की संभावना है. उन्होंने कहा कि अभी की बारिश हो या ओलावृष्टि सभी रबी फसल के लिए नुकसानदेह हैं. उनके मुताबिक, लेकिन देर से बोई गई गेहूं की फसल के लिए ये बारिश फायदेमंद हो सकती है. क्योंकि देर से बोई गई गेहूं में अभी दाने ही बन रहे हैं, ऐसे में तापमान में गिरावट आने से फसल को फायदा होगा. साथ ही बुंदेलखंड जैसे सूखे इलाके के किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आएगी. उन्होंने कहा कि बारिश होने पर बुंदेलखंड के किसानों को अपनी फसल की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी.
किसान स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पाण्डेय ने कहा है कि तेज हवा चलने पर गेहूं की फसल जमीन पर गिर सकती है. इसलिए किसान स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें. अगर बारिश की चेतावनी दी जा रही है, तो किसान फसल की कटाई नहीं करें. साथ ही जिन किसानों ने फसल की कटाई कर ली है, वे बारिश होने पर अपनी उपज को पानी से बचाने के लिए अच्छी तरह से सुरक्षित स्थान पर स्टोर कर दें. यदि जगह की कमी है तो किसान उपज को तिरपाल से भी कवर कर सकते हैं. इससे फसल बारिश और मौसम की मार से सुरक्षित रहेगी.
इन राज्यों के लिए जारी किया गया येलो अलर्ट
दरअसल, IMD ने कहा है दिल्ली में बुधवार से शुक्रवार के बीच हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जहां हवा की गति 40-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है. गुरुग्राम और फरीदाबाद में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली/तूफान की संभावना भी है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. IMD का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर पहाड़ी राज्यों पर ज्यादा देखने को मिलेगा. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 18 से 20 मार्च के बीच बारिश और बर्फबारी की संभावना है. कुछ जगहों पर भारी बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है. यह पश्चिमी विक्षोभ का हिस्सा है, जो उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय मौसम ला रहा है. वहीं, समीपवर्ती मैदानों में अलर्ट जारी किया गया है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अगले कुछ दिनों में बौछारें, बिजली और तूफान की संभावना है.