खाद संकट की खबरों पर विराम, केंद्र का दावा- यूरिया, DAP और NPK का भंडार पूरी तरह सुरक्षित
India fertiliser stock 2026: सरकार ने बताया कि इस बार डीएपी (DAP) और एनपीके (NPK) उर्वरकों के स्टॉक में काफी बढ़ोतरी हुई है. डीएपी का स्टॉक बढ़कर 2.21 मिलियन टन हो गया है, जो पिछले साल 1.30 मिलियन टन था और एनपीके का स्टॉक 5.74 मिलियन टन पहुंच गया है, जो पहले 4.18 मिलियन टन था.
India fertiliser stock 2026: देश में खरीफ सीजन की तैयारी के बीच खाद की कमी को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. सरकार ने साफ कहा है कि देश में किसी भी प्रमुख उर्वरक की कमी नहीं है और किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस समय देश में यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे जरूरी उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे आगामी बुवाई सीजन में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी.
खाद की कमी के दावों को सरकार ने किया खारिज
बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार, केंद्र सरकार ने हाल ही में सामने आए उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि देश में उर्वरकों की कमी हो सकती है. सरकार का कहना है कि ये दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.
सरकार के मुताबिक, रबी सीजन 2025-26 के आंकड़े और मौजूदा स्थिति दोनों यह दिखाते हैं कि देश में खाद की आपूर्ति पूरी तरह संतुलित और पर्याप्त है.
यूरिया का स्टॉक स्थिर और मजबूत
मध्य अप्रैल 2026 तक देश में यूरिया का स्टॉक लगभग 6.73 मिलियन टन है, जो पिछले साल के 6.80 मिलियन टन के करीब है. इससे साफ है कि यूरिया की उपलब्धता में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है और किसानों के लिए यह पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है.
डीएपी और एनपीके में बड़ा इजाफा
सरकार ने बताया कि इस बार डीएपी (DAP) और एनपीके (NPK) उर्वरकों के स्टॉक में काफी बढ़ोतरी हुई है. डीएपी का स्टॉक बढ़कर 2.21 मिलियन टन हो गया है, जो पिछले साल 1.30 मिलियन टन था और एनपीके का स्टॉक 5.74 मिलियन टन पहुंच गया है, जो पहले 4.18 मिलियन टन था. यह बढ़ोतरी दिखाती है कि इस बार उर्वरकों की आपूर्ति और भंडारण पहले से बेहतर तरीके से किया गया है.
बेहतर योजना और सप्लाई चेन का असर
सरकार का कहना है कि यह सुधार बेहतर योजना, समय पर भंडारण और मजबूत सप्लाई चेन मैनेजमेंट का परिणाम है. पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित किया है, जिससे जरूरत के समय किसानों तक खाद आसानी से पहुंच सके.
मांग के मुकाबले कहीं ज्यादा उपलब्धता
अगर अप्रैल 2026 के शुरुआती आंकड़ों को देखें, तो स्थिति और भी स्पष्ट हो जाती है.
1 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 के बीच:
- यूरिया की उपलब्धता 6.93 मिलियन टन रही, जबकि जरूरत सिर्फ 1.81 मिलियन टन थी
- डीएपी 2.27 मिलियन टन उपलब्ध था, जबकि जरूरत 0.59 मिलियन टन थी
- एमओपी (MOP) 0.83 मिलियन टन उपलब्ध था, जबकि जरूरत 0.17 मिलियन टन थी
- एनपीके 5.27 मिलियन टन उपलब्ध था, जबकि जरूरत 0.74 मिलियन टन थी
इन आंकड़ों से साफ है कि देश में जरूरत से कई गुना ज्यादा उर्वरक उपलब्ध है.
किसानों के लिए राहत भरी खबर
सरकार की इस घोषणा से किसानों को बड़ी राहत मिली है. खरीफ सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता सबसे अहम होती है, क्योंकि इसी समय धान, मक्का और अन्य फसलों की बुवाई होती है. अगर खाद की कमी होती है, तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. लेकिन इस बार पर्याप्त भंडार होने से किसानों को समय पर खाद मिलने की उम्मीद है.
खरीफ सीजन के लिए मजबूत तैयारी
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि खरीफ सीजन के लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर ली गई है. उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक, बेहतर वितरण व्यवस्था और निगरानी तंत्र के कारण इस बार किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.