कर्नाटक में तेज बारिश से किसानों के चेहरे खिले, खरीफ बुवाई को मिली रफ्तार.. 50 फीसदी टारगेट पूरा
Kharif Crops Acreage: कर्नाटक में खरीफ सीजन 2026 में कुल 84.10 लाख हेक्टेयर में फसलों की बुवाई का टारगेट तय किया गया है. इसमें धान और गन्ना की प्रमुख फसलें हैं. अब तक 50 फीसदी यानी करीब 42 लाख हेक्टेयर में बुवाई पूरी हो चुकी है. जबकि, अगले 7 दिनों में बुवाई पूरी हो जाएगी.
कर्नाटक में बीते दो दिनों से लगातार बारिश से कावेरी समेत राज्य से गुजरने वाली अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. जबकि, कावेरी घाटी क्षेत्र के जलाशयों का जलस्तर भी सुधरकर औसत के पार पहुंच रहा है. सूखा स्थितियों से परेशान चल रहे किसानों को बारिश होने से राहत मिली है. इसके साथ ही खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई ने भी रफ्तार पकड़ ली है. अब तक किसानों ने टारगेट के हिसाब से 50 फीसदी बुवाई पूरी कर ली है, बाकी अगले एक हफ्ते में पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है.
कावेरी समेत अन्य नदियों और जलाशयों का पानी स्तर बढ़ा
कर्नाटक में भारी बारिश के कारण कावेरी घाटी के जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है, जिससे जल संकट को लेकर चिंताएं कम हुई हैं. इस बीच केरल और कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश से कर्नाटक के जलाशयों में जल भंडारण में काफी सुधार हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि जलाशयों में बढ़ी आवक से कावेरी जल बंटवारे विवाद के बीच पानी की उपलब्धता को लेकर चिंताएं कम हुई हैं. जबकि, सूखा स्थितियों के चलते फसलों की बुवाई और सिंचाई के संकट से जूझ रहे किसानों को भी राहत मिली है.
बारिश से फसलों की बुवाई की रफ्तार बढ़ी
कर्नाटक में खरीफ सीजन 2026 में कुल 84.10 लाख हेक्टेयर में फसलों की बुवाई का टारगेट तय किया गया है. इसमें धान और गन्ना की प्रमुख फसलें हैं. जबकि, अन्य फसलों में दलहन-तिलहन की बुवाई में अब तेजी देखी जा रही है. अब तक 50 फीसदी यानी करीब 42 लाख हेक्टेयर में बुवाई पूरी हो चुकी है. जबकि, अगले सप्ताह तक बाकी हिस्से में भी फसलों की बुवाई कंप्लीट हो जाएगी. देरी से बारिश के चलते खरीफ फसलों की बुवाई इस सीजन काफी लेट हो गई है.
बेलगावी, मांड्या और रायचूर के धान और गन्ना किसान खुश
कर्नाटक के बेलगावी, मांड्या और रायचूर में खूब धान और गन्ना की खेती की जाती है. ताजा बारिश से यहां के किसानों के चेहरे खिल गए हैं. धान समेत अन्य फसलों की बुवाई पहले ही कर चुके किसानों के लिए ताजा बारिश बड़ी राहत लेकर आई है. बारिश के इंतजार में खेतों में सूख रही धान को फिर से जीवनदान मिल गया है. जबकि, गन्ना किसानों को सिंचाई का संकट बुरी तरह परेशान किए थे.
बारिश से 3 लोगों की मौत, भूस्खलन से रेल यातायात प्रभावित
अधिकारियों के मुताबिक बारिश से शिवमोग्गा जिले में तीन लोगों की मौत हो गई और मलनाड क्षेत्र में रेल यातायात प्रभावित हुआ है. अधिकारियों के अनुसार शिवमोग्गा जिले में बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई. भारी बारिश के कारण हासन जिले के सकलेशपुर तालुक में एडाकुमारी और श्रीबागिलु रेलवे स्टेशनों के बीच भूस्खलन हुआ, जिससे पटरियां क्षतिग्रस्त हो गईं. इस वजह से बेंगलुरु को मंगलुरु, कारवार, कोझिकोड, मुरुदेश्वर और विजयपुरा से जोड़ने वाली सात रेल सेवाओं को निलंबित करना पड़ा.